Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

zindagi ka wada by Abhilekha Ambasth Gazipur

शीर्षक-जिंदगी का वादा कहीं कम तो कहीं ज्यादा, बस यही है जिंदगी का वादा,  कहीं धूप कहीं छाया,  बस यही …


शीर्षक-
जिंदगी का वादा

कहीं कम तो कहीं ज्यादा,

बस यही है जिंदगी का वादा, 
कहीं धूप कहीं छाया,
 बस यही जिंदगी का फ़साना, 
कहीं रुप तो कहीं रंग, 
बस यही है जिंदगी का ढंग,
 कहीं पतंग तो कही धागा, 
बस यही है जिन्दगी का वादा
 कहीं धूप तो कहीं सुहाना, 
बस यही है जिंदगी का तराना, 
कहीं बंध तो कहीं अनुबंध,
 बस यही है जिंदगी का निबंध, 
कहीं फूल तो कहीं कांटा , बस यही है जिंदगी का चांटा
 कहीं चांद तो कहीं,सूरज, 
बस यही है जिंदगी की सूरत, 
कहीं लेख तो कहीं अभिलेख, 
बस यही है जिन्दगी का प्रतिलेख अभिलेखा अम्बष्ट , 
स्वरचित गाजीपुर उत्तर प्रदेश

Related Posts

नए साल में नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

नए साल में नई शुरुआत! नया-नया सा साल, नई नई सी बातें,नया नया सब कुछ है, नई नई सौगातें,नए-नए से

वह एक ही परम शक्ति-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

वह एक ही परम शक्ति! किस बात का गुरूर है तुझे इंसान,तू इतना भी हे नहीं महान,करने वाला वह, कराने

गुणगान ( गुरु)- तेज देवांगन

January 7, 2022

गुणगान( गुरु) कितना करूं गुणगान इनका,मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,अगर पीरों भी लूं इन्हे तारो में,मेरे साज कम पड़ जाएंगे.कितना

अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे

January 7, 2022

अकेला! दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है, सुख में दुनिया उसके साथ होती है! उत्साह के लिए इंसान हमेशा

पधारो म्हारो राजस्थान-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

पधारो म्हारो राजस्थान! जीवंत संस्कृति, रेतीली मरुस्थलीय भूमि,  ऊंट पर बैठकर सवारी,  जब ये यादे मानस पटल पर आती,रखता है

मसूरी-जन्नत सा शहर-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

मसूरी-जन्नत सा शहर! मसूरी भारत देश के उत्तराखंड राज्य का एक पर्वतीय नगर, बहुत सुहावने मौसम का अनुभव देती है

Leave a Comment