शीर्षक-
जिंदगी का वादा
कहीं कम तो कहीं ज्यादा,
शीर्षक-जिंदगी का वादा कहीं कम तो कहीं ज्यादा, बस यही है जिंदगी का वादा, कहीं धूप कहीं छाया, बस यही …
कहीं कम तो कहीं ज्यादा,
February 3, 2022
यादों का सिलसिला तेरी हसीन यादों का सिलसिला अमिट है धूमिल नहीं होने वाली प्रेम पौधे उगाने वालीदमकती चेहरे की
February 3, 2022
नी बखत री बात धोरां री आ ” धरती , धीरज री धरा सांतरी । सोनै सी गोरी बाळू रेत
February 3, 2022
तू ही -तू है जमीं से फलक तक तू ही -तू है । दिल की धड़कनों में तू ही –
February 3, 2022
सूरज दादा सूरज दादा उठा के गठरी, चले कुम्भ के मेला में।बसन्त पंचमी नहा केआउँ,दिन बीता बहुत झमेला में।।लुका छिपी
February 3, 2022
ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से ऊँचा हो गया कद लोगों का जमीन सेसुना है जमीनें बंजर पड़ी
February 3, 2022
मेरे यार फेसबुकिए मेरे यार फेसबुकिए बता दो इस समय तुम हो कहाँमैंने तुम्हें ढूंढ रहा हूँयहाँ -वहाँ न जाने