Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Yugpurush Bhartendu harishchandra by dr indu kumari

 युगपुरूष भारतेन्दु हरिश्चन्द्र कलम में जिनकी ताकत थी जोश   जगाने       वाली दिल  ही नहीं दिमागों में  भी आग  …


 युगपुरूष भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

Yugpurush Bhartendu harishchandra by dr indu kumari

कलम में जिनकी ताकत थी

जोश   जगाने       वाली

दिल  ही नहीं दिमागों में  भी

आग    लगाने       वाली

ऐसे अद्वितीय अदभूत बालक

ने जन्मा इस धरा-धाम  पर

युगपुरूष प्रख्यात हुए  ऐसे

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के नाम पर

लेखनी के बल पर भारतीयों

को पिरोया एकता के माला में

भारत दुर्दशा देखी न  जाई

बताया पत्रिका के पाठशाला में

तत्कालिनता पर करारा चोट की

लिख-लिखकर कलम की गोली से

मुक्ति दिलाई अंग्रेजों के जुल्मों से

गु ला मी  की    जं जी रों   से

अंंधेर नगरी चौ प ट  रा जा

लीजिए एक उ दा ह र ण   

अलख जगाए हिन्दी की भी

जन-जन  में जगाए  जागरण

आग लगाई सीने में सबके

हिन्दू-मुस्लिम सिख ईसाई

अंग्रेजों को भारत से खदेड़ा

एकता की सैलाब थी आई

हिन्दी जगत में भारतेन्दु जी

अवतार पुरूष बनकर आये

छोड़ गए अमिट नि शा नी

किरदार बखूबी निभा गए

जय हिन्द 

डॉ.इन्दु कुमारी

हिन्दी विभाग

मधेपुरा   बिहार


Related Posts

माँ- डॉ. इन्दु कुमारी

February 14, 2022

माँ मां देती आंचल की छायाप्रेम की मूरत सी सुंदर कायाअगाध प्रेम की द्योतक रही वात्सल्य ह्रदय शोभनीय रही रब

यादें-जयश्री बिरमी

February 14, 2022

यादें जब आई न नींद खूब उधेड़े ताने बानेकुछ दिन ही नहीं कुछ महिनें ही नहींसालो तक पहुंचाईबचपन से हुई

आज फिर बसंत आई हैं-जयश्री बिरमी

February 14, 2022

आज फिर बसंत आई हैं पतझड़ की छोड़ चुन्नरआज बसंत ने फिर ली अंगड़ाई हैंहैं बरखा ऋतुओं की रानीबसंत भी

सांप्रदायिक सद्भाव, सौद्रह्यता भारत की खूबसूरती

February 14, 2022

सांप्रदायिक सद्भाव, सौद्रह्यता भारत की खूबसूरती सामाजिक सद्भाव, सौद्रह्यता, समरसता, मानवतावादी दृष्टि की सोच में युवाओं की ऊर्जा का सदुपयोग

जब वह चुप है- डॉ. माध्वी बोरसे!

February 14, 2022

जब वह चुप है! जब वह चुप है इंसान,क्यों कर रहा तू हर जगह बखान,निंदा करना सबसे बड़ा पाप,हर गलती

अंदाजा-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 14, 2022

अंदाजा! ठहरा हुआ दरिया होता है बहुत गहरा ,मुस्कुराहट के पीछे भी हे एक खामोश चेहरा,किसी भी हस्ती को अंदाजे

Leave a Comment