Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Yadon ka tarana by kalpana kumari

यादों का तराना *** इस कदर सजाया है तेरी यादों को, कि मेरा आशियाना बन चुका है, इन्हीं आशियाने में, …


यादों का तराना

Parwah kaun karen by kalpana kumari


***
इस कदर सजाया है
तेरी यादों को,
कि मेरा आशियाना
बन चुका है,
इन्हीं आशियाने में,
जीती और मरती हूँ,
बेशक मैं नादान हूँ,
तेरी यादों को लिए फिरती हूँ।

तुम आओ या ना आओ,
मुझे गम नहीं,
तेरी यादों का तोहफा भी,
कुछ कम नहीं,
इन्ही यादों के कुछ पलों को,
पन्नों पे उकेर देती हूँ,
बेशक मैं नादान हूँ,
तेरी यादों को लिए फिरती हूँ।

तुमसे मिलना तो,
संभव नहीं,
खुली आंखों से,
देख लेना मुमकिन भी नहीं,
इसलिए बंद आँखों से तेरा सपना,
सजाया करती हूँ,
बेशक मैं नादान हूँ,
तेरी यादों को लिए फिरती हूँ।

तपन है,
तेरी यादों में,
तो शीतल भरे,
चमन भी है,
इसलिए तेरी यादों की,
बगिया सजाये फिरती हूँ,
बेशक मैं नादान हूँ,
तेरी यादों को लिए फिरती हूँ।

दर्द तो बहुत है,
तेरी यादों में,
पर खुशी भी,
कम नही है,
इसलिए तेरी यादों का,
तराना गाये फिरती हूँ,
बेशक मैं नादान हूँ,
तेरी यादों को लिए फिरती हूँ।

आइने को अपने,
नजरों के पास रखती हूँ,
जब चाहत हुई,
तुम्हे देखने की,
अपनी आँखों में,
झाँक लिया करती हूँ,
बेशक मैं नादान हूँ,
तेरी यादों को लिए फिरती हूँ।

अक्सर मेरी गलियों में,
अंधेरा छाया रहता है,
क्योंकि मेरे दिल में,
तेरी यादों की रोशनी है,
जब परवाना जल रहा हो तो,
सम्मा बुझाये रखती हूँ,
बेशक मैं नादान हूँ,
तेरी यादों को लिए फिरती हूँ।
*
-कल्पना कुमारी



Related Posts

Pushp by priya dewangan

August 25, 2021

“पुष्प” लाली पीली बैगनी, बागों खिलते फूल।उपवन में रहते सभी, कलियाँ जाती झूल।।कलियांँ जाती झूल, प्रेम की बात बताती।अपनी खुशबू

Anuttarit sawal by sarla soni ( Meera krishna)

August 25, 2021

“अनुत्तरित सवाल” सवाल ये नहीं कि कौन किस ख़ेमे के साथ हैसवाल ये है किकौन देश के अपमान पर मौन

Bandhan na rahega koi by indu kumari

August 25, 2021

 बंधन न रहेगा कोई मीरा के श्याम राधा के संग रहे हमेशा मीरा को नहीं मलाल हर पल जोहती बाट

Sabse lachar prani byJitender Kabir

August 25, 2021

 सबसे लाचार प्राणी अच्छा कोई काम करे  अगर उनका दल तब तो जायज है फिर भी प्रशंसा के अतिरेक में

Koi ek bhi mil jaye by Jitendra Kabeer

August 25, 2021

 कोई एक भी मिल जाए ऐसे समय में  जबकि चाहत आम है बहुत लोगों में कि सबके दिलों पर वो

Aisi bahano ki kaun sune by Jitendra Kabeer

August 25, 2021

 ऐसी बहनों की कौन सुनें? रक्षाबंधन के अवसर पर असमंजस में रहती हैं वो स्त्रियां ब्याही गई हैं जो किसी

Leave a Comment