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World Youth Skills Day 2022/विश्व युवा कौशल दिवस 15 जुलाई 2022/

विश्व युवा कौशल दिवस 15 जुलाई 2022 पर विशेष कौशलता विकास संकट मोचक बौद्धिक अस्त्र कौशलता विकास परिवर्तन के वाहक …


विश्व युवा कौशल दिवस 15 जुलाई 2022 पर विशेष

World Youth Skills Day 2022/विश्व युवा कौशल दिवस 15 जुलाई 2022/

कौशलता विकास संकट मोचक बौद्धिक अस्त्र

कौशलता विकास परिवर्तन के वाहक युवाओं की समृद्धि के विकास का मूल मंत्र हैं

कौशलता विकास, सामाजिक आर्थिक सुधारों, बढ़ती असमानता, बेरोजगारी जनसांख्यिकीय संक्रमण जैसे मुद्दों के समाधान में मील का पत्थर साबित होगा – एड किशन भावनानी गोंदिया

 – सृष्टि रचयिता ने मानव को प्राकृतिक रूप से बौद्धिक क्षमता का अभूतपूर्व खजाना दिया है। बस!! जरूरत है उसे पहचान कर निखारने की! जिसके बलपर सफलताओं की हदें पार की जा सकती है! खास करके हर मानव में अपने अपने स्तरपर अलग-अलग कौशलता समाई हुई है, बस इसे पहचान कर उसका विकास करना है जिसे हम कौशलता विकास दिवस के नाम से मनातें हैं। इसे 2014 से संयुक्त राष्ट्र ने 15 जुलाई को प्रतिवर्ष विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था, जिसे प्रथम बार 15 जुलाई 2015 को मनाया गया था और हर साल नई थीम के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2022 की थीम भविष्य के लिए युवा कौशल को बदलना रखा गया है इसलिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से कौशलता विकास पर चर्चा करेंगे।
साथियों बात अगर हम विश्व युवा कौशल दिवस 2022 की करें तो, विश्व युवा कौशल दिवस 2022 कोविड-19 महामारी से सामाजिक-आर्थिक सुधार की दिशा में ठोस प्रयासों के बीच हुआ है जो जलवायु परिवर्तन, संघर्ष, निरंतर गरीबी, बढ़ती असमानता, तेजी से तकनीकी परिवर्तन, जनसांख्यिकीय संक्रमण और अन्य जैसी चुनौतियों से जुड़े हुए हैं। युवा महिलाओं और लड़कियों, विकलांग युवाओं, गरीब परिवारों के युवाओं, ग्रामीण समुदायों, स्वदेशी लोगों और अल्पसंख्यक समूहों के साथ-साथ हिंसक संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता के परिणाम भुगतने वाले लोगों को कई कारकों के संयोजन के कारण बाहर रखा जाता है,इसके अलावा संकट ने काम की दुनिया में पहले से ही कई बदलावों को तेज कर दिया है, जो उन कौशल और दक्षताओं के बारे में अनिश्चितता की परतें जोड़ते हैं जो महामारी पर काबू पाने के बाद मांग में होंगे। संयुक्त राष्ट्र और इसकी एजेंसियां, जैसे कि यूनेस्को यूएनईवीओसी, काम की दुनिया में पहुंच बाधाओं को कम करके इन चुनौतियों का समाधान करने में मदद करने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्राप्त कौशल को मान्यता प्राप्त और प्रमाणित किया जाता है, और बाहर के लिए कौशल विकास के अवसर प्रदान करता है। स्कूली युवा और जो रोजगार, शिक्षा या प्रशिक्षण (एनईईटी) में नहीं हैं। 2030 एजेंडा के लिए कार्रवाई के इस दशक के दौरान, सकारात्मक परिवर्तन और नवाचार उत्पन्न करने के लिए वैश्विक प्रक्रियाओं में युवाओं की पूर्ण भागीदारी महत्वपूर्ण है।
साथियों बात अगर हम कौशलता विकास में भारत की करें तो यह हमारे माननीय पीएम के ड्रीम प्रोजेक्टस में से एक है। भारत ने इसके लिए एक अलग से मंत्रालय का गठन किया है जो उचित प्रशिक्षण प्रदान करने, अच्छे काम रोजगार और उद्यमिता के लिए कौशलता प्रदान करने के महत्व पर जोर देता है और अनेक कार्यक्रमों का आयोजन कर कौशलता विकास के महत्व पर जन जागरण करता है।
साथियों बात अगर हम युवा कौशलता के लिए भारत द्वारा उठाए गए कदमों की करें तो, युवाओं की स्किल डेवलेपमेंट के लिए उठाए गए कदम निम्नलिखित हैं, औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आईटीआई): वर्ष 1950 में परिकल्पित, का उद्देश्य भारत में मौजूदा दीर्घकालिक प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार और आधुनिकीकरण करना है। पीएम स्किल्स विकास योजना (पीएमकेवीवाई): 2015 में शुरू की गई, इसका उद्देश्य भारत के युवाओं को मुफ्त स्किल्स प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करना है। पीएम स्किल्स विकास योजना 3.0: यह भारत के युवाओं को 300 से अधिक स्किल्स पाठ्यक्रम उपलब्ध कराकर रोजगार योग्य स्किल्स के साथ सशक्त बनाने के लिए 2021 की शुरुआत की गई है। राष्ट्रीय कैरियर सेवा परियोजना: इसके साथ पंजीकृत नौकरी चाहने वालों के लिए अपनी राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) परियोजना के माध्यम से मुफ्त ऑनलाइन कैरियर स्किल्स प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 2015 में शुरू की गई।कौशल प्रबंधन और प्रशिक्षण केंद्रों का प्रत्यायन (स्मार्ट): यह एकल खिड़की आईटी अनुप्रयोग प्रदान करता है जो स्किल्स पारिस्थितिकी तंत्र में प्रशिक्षण केंद्रों (टीसी) की मान्यता, ग्रेडिंग, संबद्धता और निरंतर निगरानी पर केंद्रित है।
आजीविका के लिए स्किल्स अधिग्रहण और ज्ञान जागरूकता (संकल्प): इसका ध्यानअभिसरण और समन्वय के माध्यम से जिला-स्तरीय स्किल्स पारिस्थितिकी तंत्र पर है। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसे विश्व बैंक के साथ सहयोग किया गया है। औद्योगिक मूल्य वृद्धि के लिए स्किल्स सुदृढ़ीकरण: स्ट्राइव योजना आईटीआई और शिक्षुता के माध्यम से प्रदान किए जाने वाले स्किल्स प्रशिक्षण की प्रासंगिकता और दक्षता में सुधार लाने के उद्देश्य से विश्व बैंक की सहायता प्राप्त भारत सरकार की परियोजना है। पीएम युवा योजना (युवा उद्यमिता विकास अभियान): वर्ष 2016 में शुरू की गई, इसका उद्देश्य उद्यमिता शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से उद्यमिता विकास के लिए एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है; समर्थन और उद्यमिता समर्थन नेटवर्क तक आसान पहुंच और समावेशी विकास के लिए सामाजिक उद्यमों को बढ़ावा देना।
यंग, अपकमिंग एंड वर्सेटाइल ऑथर्स योजना, युवा लेखकों को प्रशिक्षित करने के लिए एक मेंटरशिप प्रोग्राम है। कौशलाचार्य पुरस्कार: स्किल्स प्रशिक्षकों द्वारा किए गए योगदान को पहचानने और अधिक प्रशिक्षकों को स्किल्स भारत मिशन में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के लिए शुरू किया गया। शिक्षुता और स्किल्स में उच्च शिक्षा युवाओं के लिए योजना: यह योजना राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना के माध्यम से अप्रैल 2019 में बाहर निकलने वाले सामान्य स्नातकों को उद्योग शिक्षुता अवसर प्रदान करने के लिए है। आत्मानिभर कुशल कर्मचारी नियोक्ता मानचित्रण -2020 में शुरू किया गया, यह कुशल लोगों को स्थायी आजीविका के अवसर खोजने में मदद करने के लिए एक पोर्टल है
साथियों बात अगर हम विश्व कौशलता दिवस 15 जुलाई के इतिहास की करें तो,18 दिसंबर 2014 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से श्रीलंकाके नेतृत्व में एक प्रस्ताव अपनाया, और 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में घोषित किया। वैश्विक स्तरपर युवा कौशल विकास के महत्व को उजागर करने के लिए श्रीलंका ने जी77 (77 देशों का समूह) और चीन की सहायता से इस संकल्प की शुरुआत की थी।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विश्व युवा कौशल दिवस 15 जुलाई 2022 को मनाया जा रहा है।कौशलता विकास संकटमोचक बौद्धिक अस्त्र हैं। कौशलता विकास परिवर्तन के वाहक युवाओं की समृद्धि के विकास का मूल मंत्र है। कौशलता विकास का सामाजिक आर्थिक सुधारों बढ़ती असमानता बेरोजगारी जनसांख्यिकीय संक्रमण जैसे मुद्दों के समाधान में मील का पत्थर साबित होगा।

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


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