Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Vridh Divas budhapo by mainudeen kohri

 वृध्द दिवस  बुढ़ापो         बुढापो  तो  सगलां  नैं आसी । ओ’ बुढापो  तो  घणो  दोरो रे ।। …


 वृध्द दिवस
  बुढ़ापो

       

Vridh Divas by mainudeen kohri

बुढापो  तो  सगलां  नैं आसी ।

ओ’ बुढापो  तो  घणो  दोरो रे ।।

अंग  सगळा  तो उतर  दे देवै।

उठणो – बैठणो  घणो  दोरो रे ।।

सरदी-गरमी हुवै चाहे चौमासा ।

जीवण  तो जीणो घणो दोरो रे।।

छोटी-मोटी बीमारय्यां री लाचारी ।

बुढापो में तो जीणो नीं सोरो  रे ।।

ओ ‘ बुढापो तो सगळा नै आणो ।

बुढापै सूं सीख नीं ली तो दोरो रे ।।

मां-बाप,बुजुर्गा री चाकरी करलो ।

थांरो बुढापो भी  हुंवसी  सोरो रे ।।

 मईनुदीन कोहरी
             “नाचीज बीकानेरी”


Related Posts

Naari by Jay shree birmi

October 23, 2021

  नारी नारी हूं मैं,बुराइयों पर भारी हूं मैं मोम  सी हूं मैं सच्चाई पर भीतर से कड़ी हूं पत्थर

Bahte rahte nayan by Shyam sunder tiwari

October 23, 2021

  गीत बहते रहते नयन ————————- बहते रहते नयन गाँव की नदिया सूखी है।। बिलो रहे नवनीत उन्हीं की रोटी रूखी

Maa katyayni by Sudhir Srivastava

October 23, 2021

 माँ कात्यायनी महर्षि कात्यायन की कन्या माँ कात्यायनी कहलाती, माँ के षष्टम स्वरूप में जग में पूजी जाती। स्वर्ण सदृश्य

Vijay abhi tak apurn hai by Jitendra Kabir

October 23, 2021

 विजय अभी तक अपूर्ण है हजारों वर्ष पूर्व भगवान राम की पापी रावण को मारकर प्राप्त की गई विजय अभी

Maa kal ratri by Sudhir Srivastava

October 23, 2021

 *माँ कालरात्रि* सप्तम रूप माँ जगदम्बे का माँ कालरात्रि कहलाये, शुभकारी फल देती मैय्या शुभंकारी भी कहलाये। रुप भयानक, डरावनी

Maa mahagauri by Sudhir Srivastava

October 23, 2021

 माँ महागौरी माँ जगदम्बे का अष्टम रूप माँ महागौरी कहलाये, श्वेत वस्त्र आभूषण से अलंकृत माँ श्वेतांबरा भी कहाये। चार

Leave a Comment