Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Vo hai Taliban by Jitendra Kabeer

 वो है तालिबान जो चाहता है… कि उसकी इच्छा के अनुसार ही दुनिया के सब लोग चलें, उसके तय किए …


 वो है तालिबान

Vo hai Taliban by Jitendra Kabeer

जो चाहता है…

कि उसकी इच्छा के अनुसार ही

दुनिया के सब लोग चलें,

उसके तय किए हुए नियमों के अनुसार

दुनिया में सबके बच्चे पलें,

बन्दूक की नोंक पर लोगों को डरा-धमकाकर

समझता है खुद को जो बड़ा बलवान,

हर उस इंसान के

हृदय में बसता है एक तालिबान।

जो चाहता है…

कि प्रेम को पूरी तरह कुचलकर ही

दुनिया के सिर नफरत का ताज सजे,

उसके निर्णयों के पालन में ही

दुनियावालों के सर झुकें,

मजबूर, असहाय लोगों पर करके अत्याचार

समझता है खुद को जो बड़ा महान,

हर उस इंसान के

हृदय में बसता है एक तालिबान।

जो चाहता है…

कि उसकी समझ से बढ़कर कोई भी

दुनिया में न आगे बढ़े,

उसके तय किए हुए पैमाने के अंदर ही

अपने आसमां की खोज करे,

पशुता को इंसानियत पर जबरन थोपकर

समझता है खुद को जो बड़ा इंसान,

हर उस इंसान के

हृदय में बसता है एक तालिबान।

                                  जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Mansik shanti ke upay by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 मानसिक शांति के उपाय मानसिक शांति के लिए करके देखें यह कुछ एक उपाय, समय दें उस शख्स को जो

misail man kalam by Sudhir Srivastava

July 31, 2021

मिसाइल मैन कलाम 15 अक्टूबर 1931को जन्में   रामेश्वरम, तमिलनाडु के गरीब मुस्लिम परिवार में कलाम धरा पर आये। गरीबी की

Bhukhe ke hisse ki roti by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 भूखे के हिस्से की रोटी मैं देखता हूं बहुत बार अपनी छोटी सी बिटिया को खाना खाते हुए, साथ में

Maa kavita by poonam udaychandra

July 31, 2021

 “माँ” आज देखा है चेहरा अपनी  माँ का मैंने।  उभरती लकीरों और आंखों का गहना।।  मुश्किल बड़ी रास्ते छोटे, उसका

Na ho dushmani agar by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 न हो दुश्मनी अगर न हो दुश्मनी दो देशों के बीच अगर तो कई नेताओं और दलों की राजनीति में

Vijay divash kavita by Sudhir Srivastava

July 31, 2021

 विजय दिवस बहुत गर्व है हमें अपने जाँबाजों,रणबांकुरों पर जिनके हृदय में हिंदुस्तान बसता है, जिनका हौसला चट्टान सा शरीर

Leave a Comment