Vigyan par kavita | vigyan ne samay bachaya
कविता-विज्ञान ने समय बचाया विज्ञान ने समय बचाया दबाया बटन काम हो जाए छोड़ पैदल,साइकिल,गाड़ी,हमें आसमान में उड़ना सिखाया यह …
Related Posts
Har dushkarm ke bad by Jitendra Kabir
September 30, 2021
हर दुष्कर्म के बाद भूल जायेंगे लोग इन बर्बर घटनाओं को, जो नहीं भुला पाएंगे वो बहला लेंगे खुद को
Umra bhar rotiyan seki by Vijay lakshmi Pandey
September 30, 2021
उम्र भर रोटियाँ सेंकी…!!! उम्र भर रोटियाँ सेंकी हमनें , हाथ जले तो असावधानी हमारी है। लॉट के लॉट बर्तन
Insan tyag sakta hai by Jitendra Kabir
September 30, 2021
इंसान त्याग सकता है जब देखता हूं मैं किसी स्वर्ण को अपने दलित ‘बॉस’ या फिर दलित सहयोगी के साथ
Shipra ke kinare by Dr. H.K. Mishra
September 30, 2021
शिप्रा के किनारे महाकाल के प्रांगण में जब , हम दोनों चलकर आए थे , दर्शन पूजन कर शिव का
Muktidham by Dr. H.K. Mishra
September 30, 2021
मुक्तिधाम प्रीत की रीत निभाने को दो गीत मिले गाते गाते, एक प्यार तुम्हारे पाने का, दूजे दर्द भरे एहसासों
Maa mujhe na mar by mainudeen kohri
September 30, 2021
माँ मुझे ना मार माँ, मैं भी कुल का मान बढाऊँगी । माँ ,मैं भी रिश्तों के बाग सजाऊंगी।। माँ,मुझे

