Vigyan par kavita | vigyan ne samay bachaya
कविता-विज्ञान ने समय बचाया विज्ञान ने समय बचाया दबाया बटन काम हो जाए छोड़ पैदल,साइकिल,गाड़ी,हमें आसमान में उड़ना सिखाया यह …
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माँ
June 24, 2022
माँ अनिता शर्मा एक शब्द में संसार समाहित, जग जननी है माँ। कितनी भोली, कितनी प्यारी, मुझे प्यारी है माँ
तन्हा सी!!!!
June 24, 2022
तन्हा सी!!!! अनिता शर्मा भीड़ में तन्हा-तन्हा सी, कुछ सकुचाई कुछ शरमाई। कह न सकी दिल की बातें, मन ही
वर्षा ऋतु !
June 24, 2022
वर्षा ऋतु ! डॉ. माध्वी बोरसे! ढेर सारी खुशियों की बौछार,सभी करते हैं इस ऋतु का इंतजार ,पशु पक्षियों और
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प्रसन्न मन!
June 24, 2022
प्रसन्न मन! डॉ. माध्वी बोरसे! जब मन होता है प्रसन्न,रोकने को चाहता है वह क्षण,चलता वक्त थम जाए,कई और हम

