Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Vicharo me Uljha Khud Ko Talashta Mai

Vicharo  me Uljha Khud Ko Talashta Mai |विचारों में उलझा खुद को तलाशता मैं  मैं आज 25 वर्ष का हो …


Vicharo  me Uljha Khud Ko Talashta Mai |विचारों में उलझा खुद को तलाशता मैं 

मैं आज 25 वर्ष का हो गया , पता ही नहीं चला ये ज़िंदगी के 25 वर्ष मैंने कैसे बिता दिए | ज़िंदगी की हसरतें आज भी वैसी ही अधूरी है जैसे बचपन में हुआ करती थी , दिन महीने साल बस बीतते जा रहे और लगता है जैसे अभी कल की ही तो बात है । 
मुझे बचपन मे और अब में बस इतना फर्क नजर आता है कि बचपन में ज़िद किया करता था , और ज़िद ना पूरी होती तो रो के खुद को शांत कर लिया करता था , लेकिन आज भी ज़िद अंदर ही अंदर उठती है , पर अब खुद को समझा लिया करता हूँ , बस यही वह मौका होता है जब मुझे अपनी उम्र का एहसास होता है ।

 

मैं  बचपन में बहुत शांत स्वभाव का था , अब भी हूँ , लेकिन अब अंदर कुछ उबलता है , शायद अब शांत नहीं रहना चाहता , चीखना चाहता हूँ , चिल्लाना चाहता हूँ , लेकिन कुछ है ऐसा जो आज भी रोकता है , मैं खोज रहा हूँ  उस विचार को ,जो मुझे रोके खड़ा है । 

क्या ये मेरे संस्कार है या मेरा शर्मीला स्वभाव ? , 

कुछ तो है आखिर  जो मेरे सब्र को बांधे हुए है , पर तोड़ना है सारे बंधनों को , मुक्त गगन मे उड़ना है मुझे , आखिर परिंदों जैसा  बनना है , ये मजहब ,धर्म ,जाति , देश  की बातें मुझे समझ में नहीं आती , मुझे तो सरहदों के बिना वाली दुनिया मे उड़ना है , वो सरहदें  फिर चाहे धर्म की हो या भाषा की । 

विचारों मे उलझा खुद को तलाशता मैं

आखिर ये कौन से विचार है जो मुझे रोकते है , परिंदों जैसे स्वतंत्र होने से ?

आखिर विचार ही तो मेरे पंख है , जो मुझे मुक्त गगन में उड़ाते है , लेकिन आज ये पंख ये पंख बंध से गए है , इसमें  एक मजबूत धागा समाज का जरूर होगा , लेकिन ये जो भी हो एक दिन तोड़  सारे धागों को और बह जाऊंगा अतरंगी हवाओं के संग , इस विश्व व्यापी गगन को अपनी बाँहों में भरकर अपना लूँगा।  तब कोई अपना पराया नहीं होगा ,सब मुझमें और सब में मैं रहूँगा। 


Related Posts

पुलिस थाने के स्तर पर कुकर्म हो तो क्या करें?

May 9, 2022

पुलिस थाने के स्तर पर कुकर्म हो तो क्या करें? -सत्यवान ‘सौरभ’ भारत में एक पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर

You can do anything

May 9, 2022

“You can do anything” आजकल की युवा पीढ़ी को ज़िंदगी संघर्षों का पिटारा लगती है, प्रतियोगिता के ज़माने में खुद

छात्रों को एक साथ दो डिग्रियों के अवसर!!

May 8, 2022

छात्रों को एक साथ दो डिग्रियों के अवसर!! एक छात्र एक ही समय में दो स्नातक, स्नातकोत्तर या डिप्लोमा पाठ्यक्रम

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में टैगोर का योगदान अतुलनीय

May 8, 2022

(9 मई – रवींद्रनाथ टैगोर जयंती)भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में टैगोर का योगदान अतुलनीय (सच्ची स्वतंत्रता का अर्थ है स्वयं के

सशक्त मां, सशक्त विश्व!

May 8, 2022

सशक्त मां, सशक्त विश्व! अत्यंत बुरे अनुभवों में से एक जो एक बच्चा देख सकता है, वह परिवार या समाज

ए मां तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी

May 7, 2022

ए मां तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी, जिसको नहीं देखा हमने, तुझसे बड़ी संसार की दौलत

Leave a Comment