Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

varun kavita by anita sharma jhasi

  वरुण वरूण वरूण पुकार रही थी, कहीं न मिलता मुझको । तभी आसमान ने बोला आकर , लाकडाऊन है …


  वरुण

varun kavita by anita sharma jhasi

वरूण वरूण पुकार रही थी,

कहीं न मिलता मुझको ।

तभी आसमान ने बोला आकर ,

लाकडाऊन है भाई ।

हैं?लाकडाऊन किसने लगाया?

जरूरत यहाँ कहाँ थी ?

आसमान तब बोला,इन्द्रदेव का आदेश हुआ।

मैंने हैरत से पूछा …….

कहीं अतिवृष्टि कहीं सूखा ?

तब वरूण आकर बोला…..

तीसरी लहर बच्चों पर भारी,

बूँदो को क्वारनटाइन किया है।

कोरोना है भाई ।

नभ पर भी ,हैरत से पूछा मैंने,

डर लगता महामारी का।

पर,धरती बेहाल हुई,जुलाई लग गया भाई,

तभी वरुण तमतमाकर बोला..

और करो मनमानी।

वृक्ष काटते ,जंगल खत्म किये ,

अब पर्यावरण विषम संकट है ।

कैसे बरसू मैं बतलाओ तो ?

अब भी समय तुम्हारे पास है,

चेत वृक्ष रोपण कर सीचो ।

ओह कर्म का प्रारब्ध मिला है ,

क्यों रोता है भाई।।

—अनिता शर्मा झाँसी

—-स्वरचित रचना


Related Posts

खुशियों की बहार-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 24, 2022

खुशियों की बहार! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार,जिंदगी तो है कुछ पलों की,लड़े कैसा भी हो प्रहार!

देशभक्ति २१ वी सदी में-सतीश लाखोटिया

January 24, 2022

देशभक्ति २१ वी सदी में वतन पर क्या गाऊँ मैंदेशभक्ति के गीतहम माटी के पुतलेभूल गए उन शहीदो कीदेश पर

मकर संक्रान्ति का महत्व

January 17, 2022

मकर संक्रान्ति का महत्व  हिंदू धर्म ने माह कोदो पक्षों में बाँटा गया हैकृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष,वर्ष को भी

संक्रांति -डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

संक्रांति ! चलो हम सब मिलकर बनाते हैं मकर संक्रांति, सर्दियों में आलस्य में जकड़ा, शरीर पकड़े थोड़ी सी गति,भागदौड़,

सर्दी का मौसम-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

सर्दी का मौसम! दिसंबर के महीने से पड़ती, सबसे ठंडी रितु सर्दी,जैकेट, ऊनी कपड़े पहनते सब,ओले, तेज हवा और पड़ती

लोहड़ी का पर्व- डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

लोहड़ी का पर्व! फसल की कटाई और बुआई के तौर पर मनाया जाता है यह त्योहार,सब नए नए वस्त्र पहनकर,

Leave a Comment