Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Vaccine lagwa lo bhai by gaytri bajpayi shukla

वैक्सीन लगवा लो भाई बुरा समय न कहकर आतापर जब आता कहर है ढाता ।कर न सकोगे फिर भरपाईवैक्सीन लगवा …


वैक्सीन लगवा लो भाई

Vaccine lagwa lo bhai by gaytri bajpayi shukla

बुरा समय न कहकर आता
पर जब आता कहर है ढाता ।
कर न सकोगे फिर भरपाई
वैक्सीन लगवा लो भाई !

रक्षा कवच का काम करेगी
लड़ने की भरपूर क्षमता देगी ।
कोरोना से अभी करनी है लड़ाई
वैक्सीन लगवा लो भाई !

मास्क मुख से नही है हटाना
सेनेटाइज़र का प्रयोग है जाना ।
इस नेक काम की भी करो अगुवाई
वैक्सीन लगवा लो भाई !

माना कि मन में भय है समाया
अनहोनी ने पंख फैलाया ।
फिर भी आशा टूट न पाई
वैक्सीन लगवा लो भाई !

अपनी और अपनों की रक्षा
करनी है तो रखो सुरक्षा ।
इक छोटी सी लौ टिमटिमाई
वैक्सीन लगवा लो भाई !

लहर न जाने कितनी आए
कोरोना बैठा ताक लगाए ।
बचकर रहने में है भलाई
वैक्सीन लगवा लो भाई !

खुद जागो और सबको जगाओ
थोड़ी तो जिम्मेदारी उठाओ ।
बच्चों पर है अब बन आई
वैक्सीन लगवा लो भाई !
वैक्सीन लगवा लो भाई!

गायत्री बाजपेई शुक्ला
दलदल शिवनी
रायपुर (छ .ग.)


Related Posts

दुनियादारी की बात- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

दुनियादारी की बात ज्यादातर मेहनती एवं फुर्तीले लोगपसंद नहीं करते अपने आस-पासआलसी और कामचोर लोगों को,कभी उनको डांट डपट करतो

मीरा भटक रही- डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

मीरा भटक रही हे नाथ परवर दिगार करवाओ अपनी दीदारभक्तों की सुनो पुकारमीरा भटक रही संसार । मायाजाल क्यों बिछायासब

जो सबसे जरूरी है- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

जो सबसे जरूरी है एक दृश्य अक्सर दिख जाता है मुझे अपने आस-पास… चार कंधों पर अपनी आखिरी यात्रा परनिकले

काटब धान – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

काटब धान सखी रे हुलसायल मनमा आयल अगहन महीनमाधान काटी करब पबनियाचूड़ा कुट करब नेमनमा। कुल देवी के चढ़ायब नागुड़

छोड़ दो नफरत करना- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

छोड़ दो नफरत करना सिर्फ इसलिए कि कुछ बाघ नरभक्षी निकल जाते हैं,तो क्या दुनिया से उनका वजूदमिटा दिया जाना

मानव तन – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

 मानव तन अनमोल  यह तन पानी का बुलबुलामाया नगरी यह है संसारतारण हार प्रभु संग हैखोज लो बारम्बार बीता हुआ

Leave a Comment