Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Unhe vichlit nhi krti bdhti kinte by Jitendra Kabir

 उन्हें विचलित नहीं करतीबढ़ती कीमतें उनके घर व्यावसायिक इमारतें बना दी जाती हैं बड़े बड़े ठेकों व टेंडरों के चाह्वान …


 उन्हें विचलित नहीं करती
बढ़ती कीमतें

Unhe vichlit nhi krti bdhti kinte by Jitendra Kabir

उनके घर व्यावसायिक इमारतें

बना दी जाती हैं

बड़े बड़े ठेकों व टेंडरों के चाह्वान

ठेकेदारों और बिल्डरों के द्वारा

लगभग मुफ्त में ही,

घर निर्माण सामग्री की बेतहाशा बढ़ी कीमतें

विचलित नहीं कर पाती

इसी कारण हमारे मंत्रियों और विधायकों को।

उनके घर के समारोहों में

खाने पीने, साज सज्जा व अन्य भी कोई ख़र्च

उठा लिया जाता है

उनसे अपना कोई काम निकलवाने

के चाह्वान लोगों के द्वारा

लगभग मुफ्त में ही,

खाद्य सामग्री एवं दूसरे सामानों की 

बेतहाशा बढ़ी कीमतें

विचलित नहीं कर पाती

इसी कारण हमारे मंत्रियों और विधायकों को।

महंगी व आलीशान गाड़ियां

उपलब्ध करवा दी जाती हैं उनको

जनता से बटोरे टैक्स से

या फिर किसी बड़ी कंपनी के पक्ष में

कोई ‘डील’ करवाने की एवज में

लगभग मुफ्त में ही,

गाड़ियों एवं पैट्रोल डीजल की 

बेतहाशा बढ़ी कीमतें

विचलित नहीं कर पाती

इसी कारण हमारे मंत्रियों और विधायकों को।

                                 

                                       

जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Mansik shanti ke upay by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 मानसिक शांति के उपाय मानसिक शांति के लिए करके देखें यह कुछ एक उपाय, समय दें उस शख्स को जो

misail man kalam by Sudhir Srivastava

July 31, 2021

मिसाइल मैन कलाम 15 अक्टूबर 1931को जन्में   रामेश्वरम, तमिलनाडु के गरीब मुस्लिम परिवार में कलाम धरा पर आये। गरीबी की

Bhukhe ke hisse ki roti by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 भूखे के हिस्से की रोटी मैं देखता हूं बहुत बार अपनी छोटी सी बिटिया को खाना खाते हुए, साथ में

Maa kavita by poonam udaychandra

July 31, 2021

 “माँ” आज देखा है चेहरा अपनी  माँ का मैंने।  उभरती लकीरों और आंखों का गहना।।  मुश्किल बड़ी रास्ते छोटे, उसका

Na ho dushmani agar by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 न हो दुश्मनी अगर न हो दुश्मनी दो देशों के बीच अगर तो कई नेताओं और दलों की राजनीति में

Vijay divash kavita by Sudhir Srivastava

July 31, 2021

 विजय दिवस बहुत गर्व है हमें अपने जाँबाजों,रणबांकुरों पर जिनके हृदय में हिंदुस्तान बसता है, जिनका हौसला चट्टान सा शरीर

Leave a Comment