Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Udan by Anita Sharma

 “उड़ान” मेरे घर घोंसला बनाकर, पंछी का जोड़ा आया रहने। रोज उसे तिनका-तिनका, लाते देखा करती अक्सर। आज अचानक आवाज़ …


 “उड़ान”

Udan by Anita Sharma

मेरे घर घोंसला बनाकर,

पंछी का जोड़ा आया रहने।

रोज उसे तिनका-तिनका,

लाते देखा करती अक्सर।

आज अचानक आवाज़ सुनी,

देखा अपलक छोटे बच्चे को।

बारी-बारी दाना लाते चोंच से,

देखा चिड़िया-चिड़वे को हदप्रद।

खोल चोंच आवाज़ करते,

मानो बेसब्री से राह देखते।

चीची की आवाज़ निकालते,

कितने चंचल मासूम बच्चे।

अरे पंखों से उड़ना सीखते,

सिखा रहे चिड़वा-चिड़वी ।

कुछेक दिनों में उड़ान भरी,

वीरान हो गया घोंसला-घर।

मन ने कहा चलो उड़ान भरो,

उन्नति के शिखर पर चढ़ना है।

शुभ चिन्ह है जहाँ चिड़िया नीड़,

बनाकर नवपरिवार बसाती है।

अब समय से पंखों को फैला,

ऊंची उड़ान का समय आया।

चाँद सितारे भर लूँ दामन में ,

आज तेरा उत्कर्ष समय आया।

—अनिता शर्मा झाँसी
—–मौलिक रचना


Related Posts

कैलेण्डर बदल जाएगा- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

कैलेण्डर बदल जाएगा बदलता आ रहा है जैसेसैंकड़ों सालों सेवैसे ही यह साल भी बदल जाएगा,कुछ यादें खट्टी – मीठीदर्ज

आम जनता का नसीब- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

आम जनता का नसीब आम जनता के लिएधर्मस्थलों पर ईश्वर के दर्शन हेतूप्रक्रिया अलग हैऔर ‘वी.आई.पी.’ के लिए अलग, जनता

सोचो जरा उनके बारे में भी- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सोचो जरा उनके बारे में भी तुम दुखी होकि इन सर्दियों में महंगीब्रांडेड रजाई नहीं खरीद पाए,जिन्हें मयस्सर नहींकड़कती सर्दी

इंसानियत को बचाओ- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

इंसानियत को बचाओ दुनिया मेंकहीं भी हो रहा हो अन्यायतो उसके खिलाफ आवाज उठाओ,रोकने की उसे करो पुरजोर कोशिशेंविरुद्ध उसके

सिखाने की कोशिश करें- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सिखाने की कोशिश करें सिखाने की कोशिश करेंअपने बच्चों को खाना बनाना भीपढ़ाई के साथ-साथ,वरना लाखों के पैकेज पाने वालों

मृगतृष्णा है तुम्हारा साथ- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

मृगतृष्णा है तुम्हारा साथ ‘तुम्हारा साथ’ मेरे लिएहै एक तरह कीमृगतृष्णा सा,दूर कहीं झिलमिलाताहुआ साबुलाता है मुझे अपने पास,तुम्हारे दुर्निवार

Leave a Comment