Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

Tumse hai hausala

 तुमसे है हौंसला  ढलती हुई किसी शाम मेंमेरे कांधे पर अपना सर रखेबैठी हो तुम जब,तुम्हारी पलकें आंसुओं से भीगी …


 तुमसे है हौंसला 

ढलती हुई किसी शाम में
मेरे कांधे पर अपना सर रखे
बैठी हो तुम जब,
तुम्हारी पलकें आंसुओं से भीगी हों
और दुनिया धुंधली सी दिखती होगी,
मैं तुम्हारे कानों में यह कह सकूं
माना तुम्हारे सामने नज़र आ रही राह
जितनी दिख रही है, उससे भी ज़्यादा कठिन हो
मग़र, मैं तुम्हें अपनी बाहों में समेटकर
महफूज़ रखूंगा !!

मैं चलना चाहता हूं
अपनी हथेलियों में तुम्हारा हाथ थामे
और महसूस कर सकूं, तुम्हारा साथ
तुम्हारी ऊष्मा, तुम्हारी औरा अपने चारों तरफ़ !!
बता सकूं तुम्हें, कि मेरी डगर भी कुछ आसान नहीं
लेकिन, तुम्हारा होना, मुझे हिम्मत देता है
चुनौतियां का सामना करने और उन्हें हरा देने की !
और हिम्मत देता है तुमसे यह कह पाने की,
माना हमारी राह कठिन है, मग़र
हम साथ हैं एक दूसरे का हौंसला बनकर,
एक दूसरे की उम्मीद बनकर !!!

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13

Related Posts

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

आज भी वो दिन हमको याद है

August 5, 2022

याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने

PreviousNext

Leave a Comment