Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

tumhare raste se zindagi aabad by priya singh lucknow

तुम्हारे रास्ते से ज़िन्दगी आबाद बाबूजी। तुम्हारे रास्ते से ज़िन्दगी आबाद बाबूजी।इसी दर्जा मिरी करते रहें इमदाद बाबूजी।। मिरे जीवन …


तुम्हारे रास्ते से ज़िन्दगी आबाद बाबूजी।

tumhare raste se zindagi aabad  by  priya singh lucknow

तुम्हारे रास्ते से ज़िन्दगी आबाद बाबूजी।
इसी दर्जा मिरी करते रहें इमदाद बाबूजी।।

मिरे जीवन में उन का मर्तबा इतना मुक़द्दस है,
ख़ुदा सब से है आला और ख़ुदा के बाद बाबूजी।।

मुसीबत से हमेशा आपने लडना सिखाया है,
कहीं देखा नहीं है आप सा उस्ताद बाबूजी।।

मिरे अंदर नहीं था कुछ जिसे मख्सूस कहते सब
बदोलत आपके फिर भी मिली है दाद बाबूजी

हमेशा सर पे मेरे आपका ही दस्ते शफ़क़त है
करूँ फिर क्यों भला मैं ग़ैर से फ़रियाद बाबूजी

प्रिया सिंह
लखनऊ उत्तर प्रदेश


Related Posts

नया बदलाव लाए!

April 27, 2022

 नया बदलाव लाए! सिर्फ शोर ना मचाए, चलो नया बदलाव लाए, इस बेशकीमती जीवन में, कुछ कमाल करके दिखाएं! बदलाव

क्रोध, कायरता की निशानी!

April 27, 2022

क्रोध, कायरता की निशानी! क्रोध एक श्राप है,इसमें पतन का वास है,क्रोध पर हो पूर्ण रूप से वश,शीतलता और प्रेम

हमारी आत्मकथा!

April 27, 2022

हमारी आत्मकथा! लिखें हमारे जीवन की कहानी,साहस,दृढ़ता हो इसकी निशानी,कलम से नहीं कर्म से लिखें,हमारा जीवनी भी प्रेरणादायक दिखे! इस

स्वाभिमान!

April 27, 2022

स्वाभिमान! सम्मान मांगो ना, कमाओ,पैसे मांगो ना, कमाओ,और कमाना कैसे हैं, इस गौरवशाली जीवन में,सीखो और सिखाओ! खुद के हक

पर्यावरण का संरक्षण!

April 27, 2022

पर्यावरण का संरक्षण! अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है

हुनर को पहचाने!

April 27, 2022

हुनर को पहचाने! हुनर को पहचानिए,अपनी कला को जानिए,मछली की योग्यता है तैरना,उसे उड़ने के लिए ना मनाइए! कौशल का

PreviousNext

Leave a Comment