तुलसी के राम
संत शिरोमणि तुलसी दास जी
किये रामचरित गुणगान
संसार में कैसे रहा जाय
किये संत सुन्दर बखान
शुरू किये लिखना रामचरित
मानस मानव हितकारी
प्रेम रस में घोल -घोल कर
किये सुन्दर चरित निर्माण
मानव स्वभाव पर लिखे
भक्ति रस भर -भर लिखे
प्रेम अनुराग करना सिखाए
जन -मन का कर कलयाण
ऊंच-नीच,भाई-भाई प्रेम
किसकी महत्ता कहां-कहां
लिखे सोच विचार यहां
राम-राज्य लाने के लिए
सुखी जनता है प्रमाण
राम नाम का रट लगाकर
कराए भवनिधि पार
उलटा जपकर राम नाम
हुए संत सबसे महान
स्व रचित
डॉ.इन्दु कुमारी
हिन्दी विभाग मधेपुरा बिहार



