Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Tulsi ke ram by Indu kumari

 तुलसी के राम संत शिरोमणि तुलसी दास जी किये रामचरित   गुणगान संसार में कैसे रहा   जाय किये संत सुन्दर बखान  …


 तुलसी के राम

Tulsi ke ram by Indu kumari

संत शिरोमणि तुलसी दास जी

किये रामचरित   गुणगान

संसार में कैसे रहा   जाय

किये संत सुन्दर बखान 

शुरू किये लिखना रामचरित

मानस मानव    हितकारी

प्रेम रस में घोल -घोल कर 

किये सुन्दर चरित निर्माण 

मानव स्वभाव पर लिखे 

भक्ति रस भर -भर लिखे 

प्रेम अनुराग करना सिखाए

जन -मन का कर कलयाण

ऊंच-नीच,भाई-भाई  प्रेम 

किसकी महत्ता कहां-कहां

लिखे सोच विचार  यहां

राम-राज्य लाने के लिए 

सुखी जनता है प्रमाण 

राम नाम का रट लगाकर

कराए भवनिधि   पार

उलटा जपकर राम नाम

हुए संत सबसे महान

      स्व रचित

डॉ.इन्दु कुमारी 

हिन्दी विभाग मधेपुरा बिहार


Related Posts

चल चला चल राही तू-डॉ माध्वी बोरसे!

December 4, 2021

चल चला चल राही तू! चल चला चल राही तू, मुसाफिर तू कभी रुकना ना,रुकना ना, कभी झुकना ना,तेरेते रह

ऐ उम्मीद -सिद्धार्थ गोरखपुरी

December 3, 2021

ऐ उम्मीद ऐ उम्मीद! मैं तुमसे छुटकारा चाहता हूँ। क्योंकि मैं खुश रहना ढेर सारा चाहता हूँ।तुम न होती तो

बेमानी- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

बेमानी उम्रभर देखी हैं ये दुनियां की रस्मेंन ही रवायतें हैं निभाने की कसमेंजब भूले गए थे वादे और तोड़ी

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल”-हेमलता दाहिया.

December 3, 2021

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल” बात बात में शामिल हैं,जाति धर्म के बोल.खोखले वादे खोल रहे हैं,हैं विकास

ना लीजिए उधार-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

ना लीजिए उधार! ना लीजिए उधार, बन जाओ खुद्दार,लाए अपनी दिनचर्या में, थोड़ा सा सुधार, अपने कार्य के प्रति, हो

स्वयं प्रेम कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

स्वयं प्रेम! स्वयं प्रेम की परिभाषा,बस खुद से करें हम आशा,स्वयं का रखें पूरा ख्याल,खुद से पूछे खुद का हाल!

Leave a Comment