Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Toot pada Aakash by vijay Lakshmi Pandey

 टूट  पड़ा आकाश …!!! बीती  रात सहसा टूट   पड़ा  आकाश । आलय  देवालय  सब एकाकार । अनवरत गर्जना  दामिनी  दमक …


 टूट  पड़ा आकाश …!!!

Toot pada Aakash by vijay Lakshmi Pandey

बीती  रात सहसा

टूट   पड़ा  आकाश ।

आलय  देवालय  सब एकाकार ।

अनवरत गर्जना 

दामिनी  दमक ….

लपलपाती ,

सब लील जानें को 

हठ ठाने 

रौद्र  रूप  में  ,आसमान से उतरी ।

“एक मैं”

का उद्बोधन कराती प्रकृति ।

प्रकृति  का प्रचंड  रूप ,

तांडव नर्तन करता ,प्राकट्य हुआ ।

सूखे नाले ताल बने 

क्षत-विक्षत जन -जीवन

हाहाकार  तबाही का 

सबनें  देखा  वह मंजर ।

लुट  गये  दाम लुटिया के

बह गए खिलौनें  बिटिया के ,

कुटिया  का  अता  नहीं 

बाबा  का पता  नहीं

चीत्कारें – चीखें ,

हाल – बेहाल ।

प्रकृति दर-दरवाजे दस्तक देकर ,

“वसुधैव – कुटुम्बकम” का ” विजय”  पाठ पढ़ाती ,

आगे  बढ़ती  जाती ,

बीती रात सहसा , बीती रात सहसा ।।✍️✍️

                       विजय लक्ष्मी पाण्डेय

                       एम. ए., बी.एड , ( हिन्दी )

                        स्वरचित मौलिक रचना


Related Posts

दोहे-भाव माधुरी-कवियित्री कल्पना भदौरिया”स्वप्निल “

March 25, 2022

दोहे-भाव माधुरी मुंडमाल उर में धरे, उमानाथ भगवान | चंद्रमौलि का जाप है, नाथ वही गुणवान || वास करें निज

अवसर!-डॉ. माध्वी बोरसे!

March 25, 2022

अवसर! इस अवसर को तू ना गवा, समय बहे जैसे हवा,कदर करे जब मिले अवसर,जीवन में रह जाए ना कोई

एक लेखक की कलम

March 25, 2022

एक लेखक की कलम! चलो बनाते हैं दोस्त, परिश्रम को, हमारे हाथों से हमेशा अच्छे कर्म हो,विश्वास हो बहुत सारा,

हर क्षण की तरंग

March 25, 2022

हर क्षण की तरंग! जिंदगी के खेल में खेलता जा,रोशनी की तरह फैलता जा,खुद पर रख पुरा यकीन,खिलाड़ी तू है

वक्त तो सबका आता है

March 25, 2022

वक्त तो सबका आता है! वक्त तो सबका आता है, बहुत सारी मुश्किलों को भी लाता है,पर कोई बिखर जाता

हवा मेरा संदेश पहुंचाना

March 25, 2022

कविता का शीर्षक हवा मेरा संदेश पहुंचाना ए हवा तुम उसके पास से गुजर ना, जरा रुक कर उसके हाल-चाल

Leave a Comment