Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Teri judai by nandini laheja

 तेरी जुदाई जब कोई अपना हो जाता हमसे जुदा रह जाता सिर्फ तस्वीरों में ,और यादें रहती सदा हर क्षण …


 तेरी जुदाई

Teri judai by nandini laheja

जब कोई अपना हो जाता हमसे जुदा

रह जाता सिर्फ तस्वीरों में ,और यादें रहती सदा

हर क्षण याद आती बातें उसकी और संग बिताये पल

कही से वापस आ जाये वह, बस यही चाहता दिल

ह्रदय में भर जाती फिर इक तन्हाई

तड़पती ,रुलाती है उस प्यारे से जुदाई

 तेरी जुदाई,होती सहन न हमसे

कभी मन को भर देती यादों से तेरी तो

कभी आँसू बन कर छलकती नयनन से

कितने प्यारे पल थे जब हम संग हुआ करते थे

हर ख़ुशी हर गम को साझा किया करते थे

सोचा भी न था कभी तू ऐसे चली जाएगी

तू न रहेगी बस तेरी मीठी यादें रह जाएगी

कभी मूंदते  नयन तो छवि तेरी उभर है आती

कभी चाँद सितारों के मध्य इक तारा बन कर दिखती

सच,तेरी जुदाई होती सहन न हमसे’

कभी मन को भर देती यादों से तेरी तो

कभी आँसू बन कर छलकती नयनन से

नंदिनी लहेजा

रायपुर(छत्तीसगढ़)


Related Posts

सही मात्रा

September 28, 2022

सही मात्रा मर जातें हैं बूंद भरमेंजी लेते हैं पी हलाहललंबी उम्र जी जाते हैंसुन तानों का जहरजहर तेरी फितरत

अदृश्य प्रलय

September 27, 2022

अदृश्य प्रलय चल रहा एक अदृश्य प्रलयजो न जग को दृष्टिमान होता,सब सजग मधु रागिनी मेंसुप्त होता लुप्त होता।तड़ित ने

हौसलों की उड़ान। (Poem)

September 27, 2022

हौसलों की उड़ान। चलो भरे हौसले की उड़ान,पार करें हर इम्तिहान,खुद से वादा करकेकरें स्वयं की बात का सम्मान। हमारा

जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी

September 26, 2022

              कविता(poem) जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी वित्तीय हालत ख़राब है तो क्या हुआ

पापा मैं बोझ नहीं

September 24, 2022

विश्व बालिका दिवस पर विशेष 💓 पापा मैं बोझ नहीं 💓 मम्मी – पापा मैं बेटी हूँ आपकीपर , क्या

पिता के लिए कोई शब्द नहीं

September 22, 2022

कविता पिता के लिए कोई शब्द नहीं पिता की ज्ञानवर्धक बातों को अनुशासन से समझते नहींपिता के लिए कोई शब्द

PreviousNext

Leave a Comment