Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Teej by dr indu kumari

 तीज पावन है तीज त्योहार मनाऊं मैं लक्ष्मी घर आए दीप जलाऊं  मैं गौरी शिव के आराधना कर आऊं लम्बी …


 तीज

Teej by dr indu kumari

पावन है तीज त्योहार मनाऊं मैं

लक्ष्मी घर आए दीप जलाऊं  मैं

गौरी शिव के आराधना कर आऊं

लम्बी उम्र की कामना कर गाऊं

मेंहदी रच-रचकर सज हुलसाऊं

बन प्रिय के रंग में रंग    जा ऊं

जिन्दगी की बगिया को महकाऊं

रौशनी बन प्रेम की घर में फैलाऊं

चाँद से भी प्यारा मेरा दिलवर है

चलनी में ही सुन्दर रूप निहारूं

कर सोलहो श्रृंगार मन मुस्काऊं मैं

अरज करूं कर जोड़ शीश नवाऊं मैं।

डॉ.इन्दु कुमारी

हिन्दी विभाग

मधेपुरा, बिहार


Related Posts

कविता- हौंसला तुम्हारा…

March 7, 2023

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात हौंसला तुम्हारा…(कविता) हे नारी, हो पाक-पवित्र इतनी तुम,समाज ने टटोला हमेशा तुम्हें।पग-पग पर मज़ाक

मुस्कुराना सीख रही

March 6, 2023

मुस्कुराना सीख रही मुस्कुराना सीख रही हूँ तुम्हारे बिना जीना सीख रही हूँहाँ आज फिर से मुस्कुराना सीख रही हूँजो

मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है

March 6, 2023

भावनानी के भाव मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है किसी का ईश्वर अल्लाह पर अपार विश्वास है कोई नास्तिक

आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें

March 6, 2023

 भावनानी के भाव आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें आओ खुशी से जीने की आस कायम रखें हम 

वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है

March 6, 2023

भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे

कविता एकत्व | kavita ekatatva

March 5, 2023

  एकत्व  एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी । मैं भी हूं एकाकी तू भी है एकाकी, जीवन पथ पर है

PreviousNext

Leave a Comment