Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Tanha aaj kal hu mai

                        गीत तन्हा आज कल हूँ मैं  कभी किसी …


                        गीत

Tanha aaj kal hu mai

तन्हा आज कल हूँ मैं 

कभी किसी के  सुबह  कभी  किसी के  शाम थे 

घंटों  घाटों  मस्ती के  नगर में  घूमे खुलेआम  थे

सब झांक चले जाते हैं ज़िन्दा  ताजमहल हूँ   मैं

भीग भीग कर सावन में  साथ  बिताए  शाम   है 

तोड़ तोड़ कर बारिश में उनको खिलाएं आम  है

इन   यादों   के  सागर  में  करता  हलचल हूँ  मैं 

प्यार तुम्हारा साथ हमारा साथ तुम्हारा  प्यार  थे हम

प्यार के राही एक डगर थी दो दिल एक जान थे हम

लोहे जैसा ठोस रह गई खुद   रखा तरल   हूँ  मैं 

सुबह      तुम्ही      से      शाम       तुम्हें      से

कवि      ह्रदय        अंजाम       तुम्हीं         से 

खुद     को      उलझन      में      तुम     डाली

बहता        नीर            सरल         हूँ         मैं

वो    थी        मेरे         दिल        की      रानी

साथ        अधूरा            बनी            कहानी

प्यार    में      उनके         लिखता        पड़ता

प्यार    में      उनके        गजल       हूँ       मैं

                                   कवि सी.पी. गौतम


Related Posts

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए बहुत वक्त और संसाधन लग जातेकिसी देश के…इस कोरोना नामक महामारी कोपूरी

तोड़ा क्यों जाए?- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

तोड़ा क्यों जाए? गुलाब!तुम सलामत रहनाअपनी पत्तियों, टहनियों, जड़ों,परिवेश और वजूद के साथ,तुम्हारी महक और खूबसूरतीका इस्तेमाल नहीं करना है

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता आज मेरे स्वप्न में..पेड़ों ने हड़ताल कीपरिंदों के आज़ादी सेआकाश में उड़ने परलगे प्रतिबंधों

मां शारदे वंदना- डॉ. इन्दु कुमारी

February 14, 2022

ओ शारदे मां ज्ञान ओ शारदे मां ज्ञान की गंगा बहा दे मांमैं हूं अज्ञानी नेह कीकृपा बरसाओ नातू ही

खुशियां दिखावे की- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

खुशियां दिखावे की ना तुम खुश हो ना हम खुश हैं यह खुशियां है दिखावे की यह जमाना है बड़े

बसंत की बहार- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

बसंत की बहार बसंत तेरे आगमन सेप्रकृति सजी दुल्हन सीनीलगगन नीलांबरजैसे श्याम वर्ण कान्हावस्त्र पहने हो पितांबरपीले रंगों में सरसों

Leave a Comment