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Swatantrata divas kavita by Nandini laheja Raipur

स्वतंत्रता दिवस कितने वर्ष गुजरे भारत माता नेपराधीनता की जंजीरों मेंअपमानित हुई पल-पल भारत भूमिकुचली गई पैरों तले अंग्रेजों केअनगिनत …


स्वतंत्रता दिवस

Swatantrata divas kavita by Nandini laheja Raipur

कितने वर्ष गुजरे भारत माता ने
पराधीनता की जंजीरों में
अपमानित हुई पल-पल भारत भूमि
कुचली गई पैरों तले अंग्रेजों के
अनगिनत लाल गवाए माँ ने
अपने सम्मान व् स्वतंत्रता को पाने को
और इक शुभ दिन आया जब
भारत माता ने पाया अपनी आज़ादी को
१५ अगस्त १९४७ भारत माँ,
कितनी थी प्रसन्न गर्व से शीश उठाये
मानो दुनिया से कह रही ना समझो,अब केवक इक गुलाम
आज पायी है मैंने अपनी खोई पहचान
हां खोये मैंने अपने अनगिनत अनमोल रतन
मुझको करने आज़ाद उन्होंने किये अनेक जतन
उनके बलिदान को न कभी तुम भूलना
आज़ाद भारत देश को अब तुम को है आगे बढ़ाना
जात पात ऊंच नीच को अब तुम भुला दो
अपनी लगन व् परिश्रम से मुझको नई पहचान दो
मेरे सम्मान को न दाग लगने पाए कोई
आज भारत माँ हमसे कह यही रही

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित


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