Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Swatantrata divas kavita by Nandini laheja Raipur

स्वतंत्रता दिवस कितने वर्ष गुजरे भारत माता नेपराधीनता की जंजीरों मेंअपमानित हुई पल-पल भारत भूमिकुचली गई पैरों तले अंग्रेजों केअनगिनत …


स्वतंत्रता दिवस

Swatantrata divas kavita by Nandini laheja Raipur

कितने वर्ष गुजरे भारत माता ने
पराधीनता की जंजीरों में
अपमानित हुई पल-पल भारत भूमि
कुचली गई पैरों तले अंग्रेजों के
अनगिनत लाल गवाए माँ ने
अपने सम्मान व् स्वतंत्रता को पाने को
और इक शुभ दिन आया जब
भारत माता ने पाया अपनी आज़ादी को
१५ अगस्त १९४७ भारत माँ,
कितनी थी प्रसन्न गर्व से शीश उठाये
मानो दुनिया से कह रही ना समझो,अब केवक इक गुलाम
आज पायी है मैंने अपनी खोई पहचान
हां खोये मैंने अपने अनगिनत अनमोल रतन
मुझको करने आज़ाद उन्होंने किये अनेक जतन
उनके बलिदान को न कभी तुम भूलना
आज़ाद भारत देश को अब तुम को है आगे बढ़ाना
जात पात ऊंच नीच को अब तुम भुला दो
अपनी लगन व् परिश्रम से मुझको नई पहचान दो
मेरे सम्मान को न दाग लगने पाए कोई
आज भारत माँ हमसे कह यही रही

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित


Related Posts

खुशियों की बहार-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 24, 2022

खुशियों की बहार! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार,जिंदगी तो है कुछ पलों की,लड़े कैसा भी हो प्रहार!

देशभक्ति २१ वी सदी में-सतीश लाखोटिया

January 24, 2022

देशभक्ति २१ वी सदी में वतन पर क्या गाऊँ मैंदेशभक्ति के गीतहम माटी के पुतलेभूल गए उन शहीदो कीदेश पर

मकर संक्रान्ति का महत्व

January 17, 2022

मकर संक्रान्ति का महत्व  हिंदू धर्म ने माह कोदो पक्षों में बाँटा गया हैकृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष,वर्ष को भी

संक्रांति -डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

संक्रांति ! चलो हम सब मिलकर बनाते हैं मकर संक्रांति, सर्दियों में आलस्य में जकड़ा, शरीर पकड़े थोड़ी सी गति,भागदौड़,

सर्दी का मौसम-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

सर्दी का मौसम! दिसंबर के महीने से पड़ती, सबसे ठंडी रितु सर्दी,जैकेट, ऊनी कपड़े पहनते सब,ओले, तेज हवा और पड़ती

लोहड़ी का पर्व- डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

लोहड़ी का पर्व! फसल की कटाई और बुआई के तौर पर मनाया जाता है यह त्योहार,सब नए नए वस्त्र पहनकर,

Leave a Comment