Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

swatantra prem aur partantra prem-kavya

swatantra prem aur partantra prem-kavya स्वतंत्र प्रेम और परतंत्र प्रेम -काव्य   जब प्रेम स्वतंत्र बहता है,बहती  है मोहक खुशियां, होता …


swatantra prem aur partantra prem-kavya

स्वतंत्र प्रेम और परतंत्र प्रेम -काव्य  

प्रेम काव्य

जब प्रेम स्वतंत्र बहता है,
बहती  है मोहक खुशियां,
होता है iईश्वरीय  अनुभव,
मिलती है स्वर्ग सी खुशियां,
चमकते है ये सपनीले  नैन ,
रोम  रोम होता है पुलकित ,
जब प्रेम स्वतंत्र बहता है ,
नदियों सा आजाद होता है |

जब प्रेम परतंत्र बहता है,
जंजीरें पड़ती  है पैरों में,
अपमानित होता है ये मन, 
ग्लानि से भरता है ये दिल, 
कठपुतली सा बनता है आदमी, 
मरता जाता है हर पल दो पल, 
होता है भयानक मौन रुदन, 
बोझिल सा मन लिए फिरता ,
व्यथा कह तक नहीं सकता, 
तिल तिल मरता है इंसान ,
जब प्रेम परतंत्र बहता है |

IN HINGLISH

jab prem swatantra bahta hai 

milti hai mohak khushiyan

hota hai ishwareey anubhav 

milti hai swarg si khuishiyan

chamakte hai ye sapneele nain

rom rom hota hai pulkit

jab prem swatantra bahta hai 

nadiyo sa azad hota hai 

jab prem partantra bahta hai 

zanzeere padti hai pairon me

apmanit hota hai ye man

glani se bharta hai ye dil

kathputli sa banta hai aadmi

marta jata hai  har pal do pal

hota hai bhayanak maun rudan

bojhil sa man liye firta

vyatha kah tak nhi sakta 

til til marta hai insaan

jab prem partantra bahta hai 


Related Posts

Gazal huwa ghatak corona by brijesh sinha

June 3, 2021

ग़ज़ल  -हुआ घातक करोना, हुआ घातक करोना,यार कब इसको हरायेंगे, | अगर अब भी नहीं सतर्क होये, मारे जाएँगे ||1

kavita zindagi by deepika biswal

June 3, 2021

 जिंदगी जिदंगी को अजीब कहा जाए या किस्मत को अजीब कहा जाए? लोगो से एक बात बार – बार सुनी

kavita mujhse aa kar ke mil raha koi

June 3, 2021

कविता -मुझसे आ करके मिल रहा कोई। मुझसे आ करके मिल रहा कोई। ख्वाब आंखों में पल रहा कोई। सूना

kavita meri kismat me kya pta kya by ramesh

June 3, 2021

 मेरी किस्मत में क्या पता क्या मेरी किस्मत में क्या पता क्या फिर भी उनके इरादे भाप लिया चाहत के

मेरा गाँव कविता| mera gaon kavita written by ramdheraj

मेरा गाँव कविता| mera gaon kavita written by ramdheraj

June 3, 2021

यह मेरा गाँव कविता गांव के जीवन को बहुत अच्छी से दिखाती है । तथा गांव में बिताए गए पलों को याद दिलाती है । आज हम शहरो की तरफ भाग आए है लेकिन हमारा बचपन अभी भी उन गांवो में ही कैद है ।

kavita do kandhe mil jate hai by chanchal krishnavanshi

June 3, 2021

कविता -दो कन्धे तो मिल जाते हैं यहां मुझे दो कन्धे तो मिल जाते हैं यहां मुझे, रोने के बादमानता

Leave a Comment