Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

swarg kavita by anita sharma jhasi

स्वर्ग सुकर्म को चुनो है अब,    मनःशान्ति सुख मिलता।       स्वर्ग सा आनंद धरा में मिलता,   …


स्वर्ग

swarg kavita by anita sharma jhasi

सुकर्म को चुनो है अब,

   मनःशान्ति सुख मिलता।

      स्वर्ग सा आनंद धरा में मिलता,

           छोड़ दे विकृतियों को मनुज अब।

मैं ,मेरा में उलझा जग है,

    अहम् मिथ्या में सब उलझे ।

          सहजता को उतारेंगे अंतस में,

               तभी जीवन स्वर्गीय शान्तिमय होगा।

     

अगर कहीं है स्वर्ग तो,

      सुखद अनुभूति पूर्ण जीवन।

            खुशी के पलों को अपनाओ,

                  सरलता का समन्वित जीवन हो।।

     —-अनिता शर्मा झाँसी

——स्वरचित /मौलिक। रचना 


Related Posts

मुहब्बत जालिम – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

मुहब्बत जालिम किसी की नहीं होती हैजालिम मुहब्बत ये हैबड़ी मगरुर होती हैबड़ी मशहूर होती है बाँधो चाहे पैरों में

फसलों के त्योहार – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

फसलों के त्योहार मकर संक्रांति हम मनाएं गुड़ तिल चावल चढ़ाएंदही चूड़ा गुड़ केला खाखिचड़ी के भोग लगाएंमिलकर खुशी हम

युवा शक्ति जागो रे- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी “

January 15, 2022

“युवा शक्ति जागो रे” जागो- जागो , जागो रे जागो सेवा का हथियार हाथ में“मुझको नही तुझको “के नारे सेदुखियों

राजनीति भी अजीब है- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 15, 2022

 राजनीति भी अजीब  है कोई कह गया तो टिका रहा कोई कह के भी मुकर गया ये राजनीति भी बड़ी

मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा- R.S.meena Indian

January 15, 2022

कविता -मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा मिल जाये गर रहबर ,हर बात छोड़ दूँगा । कह दूं सोहबतों से, मैं

शोषण- चन्दानीता रावत

January 15, 2022

शोषण जागो मानव के मन, जागोशोषण के विरूद्ध चुपी तोडो़समाज के काले विचारों सेरिश्ता तोडो़, दो जवाब मुड़ कर इनरुढ़िवादी

Leave a Comment