Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Swar Kokila Lata Mangeshkar by Dr. Indu Kumari

 स्वर कोकिला लता  मंगेशकर                    हुई 92 साल की स्वरों की देवी …


 स्वर कोकिला लता  मंगेशकर

           

Swar Kokila Lata Mangeshkar by Dr. Indu Kumari

      

हुई 92 साल की स्वरों की देवी

जियो हजारो साल भारती बेटी

दे रहे अशीष बड़े बुजुर्गों    ने

दे रहे शुभकामनाएँ भाई -बहनों

भारत माता की तू अभिमान है

राष्ट्र की बागों की मीठी तान है

फैली है लताएँ जग की वादी में

स्वर लहरा रही दुनिया दारी में

मीठी धुन लहरायी फिजाओं में

सादगी मल्लिका की अदाओं में

माँ भारती की बेटी महान तू है

आन बान और हमारी शान है

लक्ष्मी बनकर धुल में लेटी है

सरस्वती बन घर-घर  बैठी है

स्वर बनकर राष्ट्र की धड़कन

हर क्षेत्र में लहरायी  परचम 

वीर शहीदों के गीतों को गाकर

13साल में हिलायी दुनिया को

एकता की तान छेड़ी ललना ने

बाँधी है जग ,प्रेम की डोरी से 

           जय हिन्द  

डॉ.इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

तर्क या कुतर्क- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

तर्क या कुतर्क जंग के समर्थन मेंकिसी के तर्कमुझे तब तक स्वीकार नहींजब तक वो खुद सपरिवारउस जंग में कूद

मौत की विजय- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

मौत की विजय दुनिया के सभी युद्धों मेंपराजय जीवन कीऔर विजय मौत की होती है,शक्तिशाली होने का भ्रमपाले बैठा है

जनता जाए भाड़ में- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

जनता जाए भाड़ में देशभक्ति की आड़ मेंकुछ लोगों ने अपने लिए जुटाईसारी सुख-सुविधाएं,बाकी बची जनता सब वस्तुओं परटैक्स भर-भरकरझोंकती

कितना विरोधाभास है?- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

कितना विरोधाभास है? कितना विरोधाभास हैइंसान की फितरत में भी,अपनी हर मुसीबत मेंईश्वर का साथ पाने के लिएप्रार्थना करेगा भी

यह अवश्यंभावी है-जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

यह अवश्यंभावी है जिस समाज में कलाकारोंका समर्पणकला की उत्कृष्टता के लिए कमऔर उससे होने वालीकमाई व शोहरत पर ज्यादा

प्रचार से परे है सच्चाई- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्रचार से परे है सच्चाई कानून के राज कीडींग हांकी जा रही है आजकल बहुत,लेकिन इस मामले मेंहत्या, बलात्कार, दबंगई

Leave a Comment