Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Swapn ujle hai by siddharth gorakhpuri

स्वप्न उजले हैं. स्वप्न उजले हैं ये कह रहा है कोई। उकेरना चाहता है हकीकत कोई। हकीकत को हकीकत होने …


स्वप्न उजले हैं.

Swapn ujle hai by siddharth gorakhpuri
स्वप्न उजले हैं ये कह रहा है कोई।

उकेरना चाहता है हकीकत कोई।

हकीकत को हकीकत होने में वक्त 

लगता है,

आजकल कहाँ ये मानता है कोई।

हम स्वप्न में न जाने क्या- क्या बन जाते हैं।

अपनी जिंदगी का अन्दाजे बयां बन जाते हैं।

फिर भी समझ न आया मामला कोई।

हकीकत को हकीकत होने में वक्त 

लगता है,

आजकल कहाँ ये मानता है कोई।

स्वप्न उजले हैं और स्याह किस्मत।

कर गयी है बहुत ही तबाह किस्मत।

बहुत गहराई से सोचा मगर तह न 

मिला,

क्या इतनी ज्यादे है ? अथाह किस्मत।

जिंदगी देगी? बुरे दौर का मुआवजा कोई।

हकीकत को हकीकत होने में वक्त 

लगता है,

आजकल कहाँ ये मानता है कोई।

किस्मत से अपने फासले बहुत हैं।

सच कहें तो ऐसे मामले बहुत हैं।

किस्मत जग जा जो सोई है अरसे से,

उसे जगाने को हम उतावले बहुत हैं।

उसे बता दो जगाने को उतावला है कोई।

हकीकत को हकीकत होने में वक्त 

लगता है,

आजकल कहाँ ये मानता है कोई।

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

साहित्यकार महान

June 4, 2022

 साहित्यकार महान शब्दों के महाजाल का चक्रव्यूह बड़ा जंजाल इसमें उलझ सुलझ बने तीखे शब्द विकार लेखक है रोक ना

मदर अर्थ, पृथ्वी!

June 4, 2022

 मदर अर्थ, पृथ्वी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह,जहां जीव जंतु का जीवन है संभव,निवास करती है मुझ में

शिकायतें ना करें!

June 4, 2022

 शिकायतें ना करें! क्यों करें किसी से शिकायत, क्या स्वयं हे हम इसके लायक, खुद को आईने मैं झांके तो,

संपूर्ण निष्ठा!

June 4, 2022

 संपूर्ण निष्ठा! बुरा वक्त दर्द दे जाता है, अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है, दोनों का एहसास भी जरूरी

मां का असीम प्रेम

May 26, 2022

 मां का असीम प्रेम! सबसे भोली , प्यारी हे मां, है यह तो प्रेम की प्रतिमा, इसकी गोदी में बसा

जिंदगी का मैदान – तमन्ना मतलानी

May 26, 2022

 जिंदगी का मैदान… तमन्ना मतलानी (महाराष्ट्र) जिंदगी एक ऐसा है मैदान,जनम लेकर यहां मिलता है नाम,उसी नाम से बनती है

PreviousNext

Leave a Comment