Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

swapn kavita by Arun kumar shukla

शीर्षक-स्वप्न लोग कहते जिंदगी का है सफर छोटा,जानकर के भी मगर मैं भूल जाता हूं।जिस समय मैं सोचता बेचैन रहता …


शीर्षक-स्वप्न

swapn kavita by Arun kumar shukla

लोग कहते जिंदगी का है सफर छोटा,
जानकर के भी मगर मैं भूल जाता हूं।
जिस समय मैं सोचता बेचैन रहता फिर,
स्वप्न के झूलों में फिर से झूल जाता हूं।।

जानते हैं लोग किन्तू करते न ऐसा,
मोह के बातों को मन पे थोप देते हैं।
अटलता को वे सदा ठुकराते ही रहते,
सत्य में संदेह पौधा रोप देते हैं-२।।…

है सही ये बात किन्तू सत्य ये प्यारे,
जिंदगी की राह केवल सत्य ही तो है।
स्वप्न के बल पर यहां मुर्दा भी जीता है,
स्वप्न न हो तो ओ हिम्मत दफ्न ही तो है।।

हर छला,टूटा,थका,इस स्वप्न पर जीता,
आज न तो कल मुझे मंजिल मिलेगा ही।
प्रेमिका हो या पिता ये सोचते इक सा,
प्राणप्रिया का भी कभी अंजलि मिलेगा ही।।

स्वप्न है बलवान इससे सम्हलना हर पल,
टाल दें मृत्यू को जो इसने कहीं ठाना।
जो सनातन धर्म ओ ही धर्मता करना,
स्वप्न खातिर स्वप्न पर पर तुम चले जाना-२।।………..
लेखक-अरुण कुमार शुक्ल


Related Posts

गीत नया गाता हूं गीत नया गाता हूं।।

October 22, 2023

गीत नया गाता हूं गीत नया गाता हूं।। 1-निश्चय निश्चित निष्छल काल दौर स्वीकारता कर्तव्य परम्परा के दायरे में सिमटना

Kavita : Virasat | विरासत

October 19, 2023

विरासत युद्ध और जंग से गुजरतेइस दौर में – सड़कों पर चलतेएंटी माइनिंग टैंकों औरबख्तरबंद गाड़ियों की आवाज़ों के बीच-

Kavita : ओ मेरी हिंदी

October 19, 2023

 ओ मेरी हिंदी मेरी हिंदी मुझे तुम्हारे अंतस् मेंमाँ का संस्कार झलकता हैक्योंकि तू मेरी माँअर्थात् मातृभाषा हैऔर मातृभाषा- मातृभूमि

Kavita on navratri

October 19, 2023

 नवरात्रि सुनो दिकु….. नौ दिन नवरात्रि केहमारे जीवन में आनंद लेकर आते हैज़िंदगी को जुमकर कैसे जिया जाता हैगरबा और

Kavita : चीन का हर माल ख़तरनाक

October 19, 2023

चीन का हर माल ख़तरनाक मैंने निजात पाया हैहर उस चीज़ पर शिवाय उसकेजो कमबख़्त चीन की डायनामाइट छछूंदर हैकितनी

शैलपुत्री

October 16, 2023

शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय के, घर बेटी एक आई। दाएं हाथ में त्रिशूल,बाएं हाथ में कमल लाई। वृषभ है वाहन इसका,इसलिए

PreviousNext

Leave a Comment