Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

sushasan ko akhiri chhor tak le jana hai by kisan bhavnani

 कवितासुशासन को आखिरी छोर तक ले जाना हैं  सरकारों को ऐसी नीतियां बनाना हैं  सुशासन को आखरी छोर तक ले …


 कविता
सुशासन को आखिरी छोर तक ले जाना हैं 

sushasan ko akhiri chhor tak le jana hai by kisan bhavnani

सरकारों को ऐसी नीतियां बनाना हैं 

सुशासन को आखरी छोर तक ले जाना हैं 

लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करके 

सुखी आरामदायक बेहतर जीवन बनाना हैं 

भारतीय लोक प्रशासन को ऐसी नीतियां बनाना हैं 

वितरण प्रणाली में क्षमता अंतराल को दूर 

करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना हैं 

सुशासन को आखिरी छोर तक ले जाना हैं 

भारत को परिवर्तनकारी पथ पर ले जाना हैं 

सबको परिवर्तन का सक्रिय धारक बनाना हैं 

न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन प्रणाली लाना हैं सुशासन को आखिरी छोर तक ले जाना हैं 

सुविधाओं समस्यायों समाधानों की खाई पाटना हैं 

आम जनता की सुविधाओं को बढ़ाना हैं 

प्रौद्योगिकी पर जोर देकर विकास को बढ़ाना हैं 

कल के नए भारत को साकार रूप देना हैं

-लेखक- कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानूनी लेख़क, चिंतक,कवि, एडवोकेट किशन भावनानी गोंदिया  महाराष्ट्र


Related Posts

Dosti kavita by Indu kumari

August 4, 2021

 शीर्षक- दोस्ती खरीदी जा सकती दुनिया की हर चीज पर दोस्ती नहीं भूलायी जा सकती जिन्दगी की हर चीज पर

Agar aisa ho paye kavita by Jitendra Kabir

August 4, 2021

 अगर ऐसा हो पाए छू पाऊं अपने शब्दों से किसी के मन को, तो मेरा लिखना सफल है। जगा पाऊं

Pani kavita by Rajesh shukla madhya pradesh

August 4, 2021

कविता : पानी…. रफ्ता रफ्ता रफ्ता कम हो रहा है पानी कुएं में, बाबड़ी में कावड़ और कावड़ी में नदियों

Mera shringar karo kavita by vinod kumar rajak

August 3, 2021

कविता मेंरा श्रृंगार करो  आज मैं सूनसान सड़क को निहार रहा थापांच मंजिला इमारत के छत पर खड़े हो करइसलिए

Abhi abhi karwan gujrega kavita by vinod kumar rajak

August 3, 2021

अभी -अभी कारवां गुजरेगा अरे! अभी – अभी चौराहे की सड़कें जाम होगी नहीं पता क्यों? कारवां गुज़रेगा सरकार की

Dosti ka rang kavita by Jitendra kabir

August 3, 2021

 दोस्ती का रंग अपनी कमजोरियों पर शर्म, बड़े-बुजुर्गों का लिहाज, समाज में बदनामी के भय और अपने करीबियों के बीच

Leave a Comment