Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Story -बुरे काम का बुरा नतीजा ‘झाउलाल’

 ‘झाउलाल’ झाउलाल बड़े मनमौजी थे। कामचोरी विद्या में निपुण थे। तरह – तरह की तरकीब उनके पास था,काम से बचने …


 ‘झाउलाल’

झाउलाल बड़े मनमौजी थे। कामचोरी विद्या में निपुण थे। तरह – तरह की तरकीब उनके पास था,काम से बचने के लिए। लोगों को सुझाव भी बड़े ही उम्दे तरीके से देते थें। लोग उनकी बातों का लोहा मान ही लेता था।यह सब करते करते झाउलाल अपने सगे संबंधियों के बीच मनोरंजन के पात्र बन चुके थे। इस कारण मौसम का आनंद उठाने किसी भी जान पहचान वाले के यहां चल पड़ते। जम कर भोजन का आनंद उठाते। किसी को बुरा भी लगता तो मन मारकर रह जाता।
झाउलाल को अपनी इस बुद्धि पर बड़ा अभिमान था। उनकी बुद्धि बिल्कुल सरपट तब दौड़ती थी जब वे सोमरस के आनंद में विभोर  रहते थे। इतना विभोर की अपने अंदर के सारे गुबार इस तरह उगल  डालते थे, जैसे हाथी के सूंड से निकलता हुआ फ़व्वारा। 
वो कहा जाता है न कोई कितना भी खिलाड़ी क्यों न हो कभी न कभी वह अपने ही दांव में फंसता है। झाउलाल के साथ भी ऐसा ही हुआ। एकदिन अंधेरे रास्ते मे वे अपना गुबार निकाले जा रहे थे। सामने वालों ने उनका जमकर ‘ स्वागत’ कर दिया। अब वह खाट पर सदा के लिए लेटे लेटे बाट जोहते हैं।अपनी बात की लोहा मनवाने का ।
:-बुरे काम का बुरा नतीजा 

About author    

Priyanka vallari

रानी प्रियंका वल्लरी
बहादुरगढ हरियाणा



Related Posts

तलाक को लेकर हाय-तौबा क्यों

May 4, 2023

तलाक को लेकर हाय-तौबा क्यों सोशल मीडिया पर इनदिनों एक तसवीर तेजी से घूम रही। तसवीर एक महिला की है।

लघुकथा-अनोखा मिलन | laghukatha -Anokha milan

April 26, 2023

लघुकथा-अनोखा मिलन बेटी के एडमिशन के लिए स्कूल आई मधुलिका एक बड़े से हाॅल में पड़ी कुर्सियों में एक किनारे

लघुकथा–सच्चा प्रेम | saccha prem

April 26, 2023

 लघुकथा–सच्चा प्रेम  राजीव ने न जाने कितनी बार उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रखा था, पर हर बार नियति ने

बालकथा-दोस्त हों तो ऐसे | dost ho to aise

April 26, 2023

बालकथा-दोस्त हों तो ऐसे धानपुर गांव में प्राइमरी स्कूल तो था, पर हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं था। इसलिए आगे की

लघुकथा:नाराज मित्र | Short Story: Angry Friends

April 19, 2023

लघुकथा:नाराज मित्र राकेश सिन्हा बहुत कम बोलने वालों में थे। अंतर्मुखी स्वभाव के कारण वह लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं

लघुकथा:मेरा नाम क्या है| laghukatha -mera nam kya hai

April 4, 2023

लघुकथा : मेरा नाम क्या है| laghukatha -mera nam kya hai इक्यान्नवे साल की उम्र में अचानक आई इस व्याधि

Leave a Comment