Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Sochne se kuch nahi hoga by Jitendra kabir

 सोचने से कुछ नहीं होगा जब तक रहेगा कोई नया, अच्छा व क्रांतिकारी विचार हमारे दिमाग में ही, व्यवहारिक रूप …


 सोचने से कुछ नहीं होगा

Sochne se kuch nahi hoga by Jitendra kabir

जब तक रहेगा

कोई नया, अच्छा व क्रांतिकारी विचार

हमारे दिमाग में ही,

व्यवहारिक रूप से हो नहीं पाएगा

वो कार्यान्वित कभी,

होता नहीं जब तक ऐसा

तब तक शून्य उसका परिणाम रहेगा,

बदल सकता था जो दुनिया

अंततः बनकर 

वो सिर्फ ख्याली पुलाव सड़ेगा।

दर-असल किसी भी योजना 

अथवा विचार का

पहला मूल्यांकन तो होता है

हमारे दिमाग में ही,

लेकिन वो सफल होगा या नहीं

इसका पता चलेगा

उसको कार्य रूप में परिणत करके ही,

होता नहीं जब तक ऐसा

तब तक वो केवल अनुमान रहेगा,

कुछ बदलना तो दूर की बात

दुनिया में उसका

बाकी न कोई नामोनिशान रहेगा।

                             जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति- अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

व्यवधान- सिद्धार्थ गोरखपुरी

December 17, 2021

व्यवधान व्यवधान अनेकों जीवन मेंरह-रह कर उपजा करते हैंहम मन को थोड़ा समझाते हैंऔर वक़्त से सुलहा करते हैं तनिक

महँगाई – डॉ. इन्दु कुमारी

December 17, 2021

महँगाई पर्याप्त नहीं है कमाई कमर तोड़ दी महँगाईजनता कर रही है त्राहिसुन लो सुनो रे मेरे भाई । चलें

प्रेरणा- अनीता शर्मा

December 16, 2021

प्रेरणा! मेरे जीवन की प्रेरणा स्रोत है आपका आशीर्वाद! हर पल राह दिखाई सच्ची,हर पल साथ तुम्हारा था! जब-जब मैं

इस दौर की नई बात- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

इस दौर की नई बात क्रांति की नींव माने जाने वाले आंदोलनऔर विरोध प्रदर्शनषड़यंत्र माने जाते रहें हैंहमेशा सेसरकारों के

गन्दा खेल- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

गन्दा खेल वोट तन्त्र में जनता के विचारों की रेलकुछ को पहुंचाती हैराजगद्दी परऔर कुछ को पहुंचादेती है सीधा जेल,

राष्ट्र की नारी – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

राष्ट्र की नारी साधारण -सी हूँ नारी भारत माँ की प्यारीराष्ट्र की राज दुलारीगाँधीजी के पदचिन्होंअहिंसा की हूँ पूजारी रश्मिरथी

Leave a Comment