Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Slow Zindagi

Slow Zindagi दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत लेख Slow Zindagi . तो पढिए इस खूबसूरत लेख Slow …


Slow Zindagi

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत लेख Slow Zindagi . तो पढिए इस खूबसूरत लेख Slow Zindagi  को और आनंद लीजिए –

Slow zindagi

Slow Zindagi

इस भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में थकना मना है …..Remember these lines….एक ad था जो टेलीविज़न पर आता था
आज ऑफिस से लौटते हुए यूँ ही याद आ गया और मन ही मन हँसी आ गयी , शरीर थक गया चलो Supplements लेते है मगर मानसिक थकान का क्या , क्या उसकी कोई दवा नही |

क्योकि हम मानसिक थकान को अहमियत नही देते जबकि ये कई गुना घातक है | इसी सोच में डूबी थी कि अचानक फिर से Whatsapp Message का Notification आया Check किया तो ऑफिस ग्रुप से एक Message था , कोफ़्त हुई और घुटन भी इस ज़िन्दगी से , अभी तो पूरा दिन ऑफिस में काम किया , फिर से ऑफिस के बारे में क्यूँ बात करनी है ?

Technology लायी गयी थी काम को आसान बनाने के लिए इसलिए तो हमने इसे Adopt किया था कि हमारे समय की बचत होगी पर हों क्या रहा , ये तो हमसे हमारा समय ही ले गयी |बचपन में हम सबने एक Essay लिखा था – विज्ञान एक वरदान या अभिशाप, सच कहूँ तो तब ये अभिशाप समझ नही आया , तब बस वरदान ही नजर आया सब कुछ तो था वो वीडियो गेम्स Mario, Snake गेम पापा के मोबाइल पर , सब कुछ कितना अच्छा था ! पर जब ज़िन्दगी एक 5.5 इंच के एक डब्बे में सिमट गयी तब पता चला की ये अभिशाप कैसे था | याद नही कितना वक़्त पहले शांत होकर अपनी पसंद का कोई गाना सुना , या कोई मनपसंद Book पढ़ी थी ,दुःख होता है ये सब देख कर जिसके जिम्मेदार सिर्फ हम हैं और कोई नही | इतना भाग कर जाना कहाँ है ज़रा दो पल राहत की सांस तो ले लो
अभी कुछ महीने पहले की बात है लगता था कि वो बचपन की शामें नही होती , बस रात ही हो जाती है, वो गौरैया नही आती अब आँगन में , तारे भी नही नज़र आते , लगता था सब बदल गया पर ये भ्रम टूट गया जब Covid -19 ने ज़िन्दगी की रफ़्तार पर ब्रेक लगा दी …. हम कैद हो गये अपने घरों में पर बचपन का जमाना लौटते हुए देखा -अभी भी गौरैया आती है , तितलियाँ भी उड़ती है और रात को तारे भी टिमटिमाते है …..

इस बीमारी ने खुद से रूबरू होने का मौका दिया , इसे महसूस करें ज़िन्दगी कोई Race नही …. ज़रा Slow चलें |
अगर आप भी कुछ ऐसा महसूस कर रहे है तो Please Life का Accelerator छोड़कर Break लगायें और थोड़ा सा थम जायें …… वैसे भी आपने सुना तो जरुर होगा –

Slow zindagi

Slow driving is the best driving forever…


Related Posts

“नारी नर से ज़रा भी कमतर नहीं”

June 23, 2022

 “नारी नर से ज़रा भी कमतर नहीं भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर नर और नारी एक दूसरे का पर्याय है, न

देश की संपत्ति को जलाते वक्त हाथ क्यूँ नहीं काँपते

June 23, 2022

 “देश की संपत्ति को जलाते वक्त हाथ क्यूँ नहीं काँपते” भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर कोरोना की वजह से पिछले दो

विनाश की ओर नहीं विकास की तरफ़ कदम बढ़ाईये

June 23, 2022

“विनाश की ओर नहीं विकास की तरफ़ कदम बढ़ाईये” भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर धर्म क्या है? कोई नहीं जानता और

“हेट्स ऑफ़ पुष्पा” (स्त्री सशक्तिकरण का बेनमून उदाहरण)

June 23, 2022

 “हेट्स ऑफ़ पुष्पा” (स्त्री सशक्तिकरण का बेनमून उदाहरण) भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर हम टीवी सिर्फ़ मनोरंजन के लिए देखते है

“समान भाव क्यूँ नहीं”

June 23, 2022

 “समान भाव क्यूँ नहीं” भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर आज एक तस्वीर देखी जिसमें किसी संप्रदाय के साधु एक भी कपड़ा

सत्ता की बात साहित्य के साथ

June 23, 2022

 “सत्ता की बात साहित्य के साथ” भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर “सच्चाई के सारे सिरे उधेड़कर शब्दों की नक्काशी से साफ़

Leave a Comment