सिर्फ दिखाने की चीज
देखता हूं बहुत बार
अपने आस-पास
दुनिया भर में अपने भाई चारे
और अच्छे रिश्तों का
ढिंढोरा पीटने वाले इंसान,
घर में अपने भाइयों के साथ
जमीन के एक-एक इंच के लिए
खूब मचाते है घमासान,
ऐसे लोगों के लिए
भाईचारे और अच्छे रिश्तों का लबादा
बस दुनिया को दिखाने की चीज है।
देखता हूं बहुत बार
अपने आस-पास
दुनिया भर में अपनी विनम्रता
और अच्छे व्यवहार का
दिखावा करने वाले इंसान,
घर के सदस्यों को
अपनी क्रूरता व असहिष्णुता से
खूब करते हैं परेशान,
ऐसे लोगों के लिए
विनम्रता और अच्छे व्यवहार का लबादा
बस दुनिया को दिखाने की चीज है।
जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314






