Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, lekh

Shradh lekh by Jay shree birmi

 श्राद्ध श्रद्धा सनातन धर्म का हार्द हैं,श्रद्धा से जहां सर जुकाया वहीं पे साक्षात्कार की भावना रहती हैं।यात्रा के समय …


 श्राद्ध

Shradh lekh by Jay shree vrami

श्रद्धा सनातन धर्म का हार्द हैं,श्रद्धा से जहां सर जुकाया वहीं पे साक्षात्कार की भावना रहती हैं।यात्रा के समय नदियों को पार करते शीश जूक ही जाता हैं, जहां विदेशों में नदी के मायने एक भौगोलिक परिस्थिति ही हैं।सिर्फ बोटोनिकल पहचान वाले पेड़ पौधों की हम पूजा करते हैं।जैसे तुलसी,पीपल,वटवृक्ष आदि अनेक।हवन में आम के पेड़ की लकड़ी के उपयोग के कई कारण हैं और अब ये सब दुनियां जान गई हैं और उन पर संशोधन कर सही साबित हो रहा हैं।

     वैसे ही श्राद्ध हैं,जिसमे अपने अस्तित्व के मुख्य कारण,जिनकी वजह से आज हम इस संसार में आए हैं उनके लिए अपनी श्रद्धा प्रस्तुति के उपलक्ष में हम श्राद्ध द्वारा अपनी सात पुश्तों को याद कर श्रद्धा  जाहेर करते हैं।जिन को हम मिले हैं,देखा हैं समझा हैं उनको दिल से याद करते हैं और नहीं देखा हैं सिर्फ सुना हैं जिनके बारे में कल्पना कर उन्हे भी याद करते हैं।

  इन संस्कारों का फायदा यह हैं कि अपने बच्चों में बड़ों के प्रति आदर भावना आती हैं,उनको कौटुंबिक मूल्यों के बारे में शिक्षा मिलती हैं।और वे भी अपने बुजुर्गो का मन रखना सीखते हैं उन्हे सम्मान देना सिखतें हैं।पहले के जमाने में कौटुंबिक मूल्यों के होते वृद्धाश्रम कहां होते थे।बड़े परिवार में आबालवृद्ध सभी को स्थान मिलता था,सब की अपनी अपनी जिम्मेवारी और हक्क भी होते थे।बीमार भी पल जाता था,बच्चे भी सभी के सहकार से पल जाते थे। बच्चें जो देखते हैं वही सीखते हैं।जोअभी अपने परिवार में दो या तीन सभ्यों से सीखतें हैं वहीं परिवार के ज्यादा सभ्यों से सिख बहुप्रतिशाली  बनते थे।उनमें हरेक मुश्किल का सामना करने का सामर्थ्य होने की वजह से हताशा नाम की बीमारी से कोसों दूर रहते थे।

  यही श्राद्ध हैं अपने समाज में पारिवारिक मूल्यों को सुरक्षित रखने के लिए एक अवसर ही हैं।

 वैसे भी भादों के महीने में आम्लवात का प्रकोप होने से खीर का सेवन उत्तम होता हैं।और गाय,कौवे और कुत्ते को भी भोजन मिल जाता हैं।

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद


Related Posts

एक अच्छे पड़ोसी बने लेकिन जासूसी न करे।

September 27, 2022

एक अच्छे पड़ोसी बने लेकिन जासूसी न करे। पड़ोसी देशों के रूप में, आपके घर, राज्यों आदि के रूप में

“ज़रा सोचो क्या हक है हमें नवरात्रि मनाने का”

September 26, 2022

“ज़रा सोचो क्या हक है हमें नवरात्रि मनाने का” नवरात्रि बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है। महिषासुर नामक

नवरात्रा पावन पर्व 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2022 पर विशेष भक्त पुकारे, मां दौड़ी चली आए

September 26, 2022

नवरात्रा पावन पर्व 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2022 पर विशेष भक्त पुकारे, मां दौड़ी चली आए नवरात्रा अच्छाई की

(राष्ट्रीय बालिका दिवस – 25 सितंबर)

September 24, 2022

(राष्ट्रीय बालिका दिवस – 25 सितंबर)लड़कियों को लड़कों से कमतर आंकना समाज की भूल है। हमेशा देश में 10वीं और

अलविदा सत्य प्रकाश उर्फ राजू श्रीवास्तव

September 23, 2022

अलविदा कॉमेडी के नूर मनोरंजन भरपूर – हंसी चिकित्सा के धनी को सैल्यूट हंसी हमारे मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य

दैनिक स्तंभ लेखन को समर्पित हरियाणा की ‘सौरभ दंपति’

September 23, 2022

 दैनिक स्तंभ लेखन को समर्पित हरियाणा की ‘सौरभ दंपति’ आजकल ‘सत्यवान सौरभ एवं प्रियंका सौरभ’ युवा-दंपति की लेखनी का समसामयिकी

Leave a Comment