Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Shikshak Teri kahani by dr indu kumari

 शिक्षक तेरी कहानी गुरू का दर्जा सबसे ऊंचा कहलाते हैं राष्ट्र निर्माता   शिष्योंके हैं भाग्य विधाता उनके शरण में …


 शिक्षक तेरी कहानी

Shikshak Teri kahani by dr indu kumari

गुरू का दर्जा सबसे ऊंचा

कहलाते हैं राष्ट्र निर्माता

  शिष्योंके हैं भाग्य विधाता

उनके शरण में जो   आता

सर आंखों पर उन्हें बिठाता

कर्मवीर का पाठ  पढ़ाता

आलस को कोसों दूर भगाता

लेता है जो गुरू  से ग्यान 

बन जाता है  वो     महान

बुद्धि विवेक पहले आ जाती

जग में रहना है सिखलाती

अपना चूल्हा चाहे रोता है

फिर भी शिक्षा  देता    है

सरकार हमारी है  अच्छी

ससमय वेतन नहीं  देती

हर काम इनसे ही लेती

गुरू की खाली हो जब पेट

शिक्षा की महल बनेगी रेत

धूमिल होगी इनकी पहचान

कैसे हो जन-जन का कल्याण

जहां गुरू की होगी अवहेलना

कैसे संवरेगी ग्यान की गहना।

        स्व रचित

डॉ.इन्दु कुमारी

           हिन्दी विभाग

मधेपुरा बिहार

852113


Related Posts

Bachpan aur budhapa by Jitendra Kabir

November 15, 2021

 बचपन और बुढ़ापा एक उम्र में… मान ली जाती हैं ज्यादातर फरमाइशें, अंट-शंट बकने का भी शान से प्रदर्शन करवाया

Mera gaon kavita by Mausam khan Alwar Rajasthan

November 14, 2021

 मेरा गांव |Mera gaon kavita by Mausam khan कितनी सादगी आज भी है मेरे गांव में ,चटनी के संग रोटी

Unka aana aur jana by Jitendra Kabir

November 13, 2021

 उनका आना और जाना उनका आना और जाना मेरी आंखों का टिक जाना बस उन पर, होंठों पर बड़ी सी

Bal divash by Jayshree virami

November 13, 2021

 बाल दिवस आज नवाजेँ चालों अपने नौ निहालों को सजाएं उनके जीवन को बचाएं उन्हे बालाओं से सुख दुःख से

Shesh smritiyan by Dr. H.K. Mishra

November 13, 2021

 शेष स्मृतियां चलो एक बार मिलते हैं फिर से, अजनबी बन के हम दोनों उसी तट, वही मंदिर आश्रम चट्टानों

Kaisa jivan by Indu Kumari

November 13, 2021

 कैसा जीवन जीवन है समरसता की धारा छल  प्रपंचों को करें किनारा सादगी नर जीवन की पहचान मानव सब जीवों

Leave a Comment