Shikshak divas vishesh kavita mere guruji by dr. Kamlendra kumar
शिक्षक दिवस पर विशेष कविता मेरे गुरुजी आँखों मे चश्मा चमक रहा, है गेहुंआ रंग । …
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प्रकृति की गोदी- डॉ हरे कृष्ण मिश्र
December 15, 2021
प्रकृति की गोदी ध्यान साधना वरदान प्रकृति की,हम शोध खोज न कर पाते हैं ,पूर्ण प्रकृति हमारी ध्यान मग्न है
एक समय था – अनीता शर्मा
December 15, 2021
एक समय था एक समय था–जब साथ सभी रहते थे। चाचा चाचाजी और बच्चे–ताऊ ताई और बच्चे। कितना बड़ा परिवार
अगले जनम मोहे नारी ही कीजो – डॉ. माध्वी बोरसे
December 13, 2021
अगले जनम मोहे नारी ही कीजो! अगले जनम मोहे नारी ही कीजो,दोबारा मेरे माता-पिता को, प्यारी सी बिटिया ही दीजो,फिर
ना होता मासिक धर्म, ना होता तेरा जनम- डॉ. माध्वी बोरसे
December 13, 2021
ना होता मासिक धर्म, ना होता तेरा जनम! कुदरत से दी गई चीजें, कभी खराब नहीं होती, अगर मासिक धर्म
श्रद्धांजलि-नंदिनी लहेजा
December 10, 2021
श्रद्धांजलि नम हैं हिंदुस्तान आज , जो खोया वीर सपूत।जीवन साथी संग उनके,जाबांज़ वीर भी, क्षति हुई अभूत।इक ज़लज़ला आया
अपना एक घर- जितेन्द्र ‘कबीर’
December 10, 2021
अपना एक घर बहुत आलीशान न भी हो,मामूली-सी छत के नीचे होचाहे साधारण सा एक कमरा,घांस-फूस से बनी झोंपड़ी होअथवा
