Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Sharad purinima by Dr. indu kumari

 शीर्षक–शरद पूर्णिंमा  पूनम की रात आई प्रेम की बरसात लाई राधा संग मिल गोपियां कान्हा संग रास रचाई धरा अनुपम …


 शीर्षक–शरद पूर्णिंमा

Sharad purinima by Dr. indu kumari

 पूनम की रात आई

प्रेम की बरसात लाई

राधा संग मिल गोपियां

कान्हा संग रास रचाई

धरा अनुपम सौन्दर्य है

चाँद ने चाँदनी फैलाई

सोलहो श्रृंगार कर प्रकृति

सजी दुल्हन-सी लगती है

शरद  की   शीतलताई

चरमोत्कर्ष पर होती है

इनकी रौशनी में है जादू

समुन्द्र में ज्वार भाटा से

उफानें भर-भर जाती है

शरद की चाँदनी हितकारी

नेत्र की ज्योति बढा़ती  है

खीर आज औषधि युक्त हो

जाती,अमृत वर्षा  होती है

शरद सौगातें मिलन की लाई

पूनम की रात आ ई  है

प्रेम की बरसात लाई है।

डॉ .इन्दुकुमारी
            मधेपुरा बिहार

पिन-8521ौ3


Related Posts

समस्त रक्तदान दाताओं

May 25, 2022

समस्त रक्तदान दाताओं देख रही आज मानव सेवा चैन के जरिएएक-एक रक्त की बूंद को तरसे लोगअपनों के जान बचाने

अतीत से परे आगे की ओर बढ़े!

May 25, 2022

अतीत से परे आगे की ओर बढ़े! मुड़ कर ना देखो,जो पीछे छूट गया,आगे बढ़कर लिखो,अपना भविष्य नया! कुछ छुटने

यथार्थ मार्ग!

May 25, 2022

 यथार्थ मार्ग! कुरीतियां और बुरी आदतों को बदलें, इस जिंदगी की राह में थोड़ा और संभले, जितनी हो गई गलतियां

बेबाक हो जाए

May 25, 2022

 बेबाक हो जाए। चुनौतियों का सामना करते हैं, सच्चाई के लिए लड़ते हैं, इंसानियत पर डट कर चलते हैं चलो

चालाक लोमड़ी

May 25, 2022

 चालाक लोमड़ी! भरी दोपहर में एक दिन लोमड़ी भटके, कर रही थी भोजन की तलाश, दिखे उसे बेल में अंगूर

कुबूल है

May 24, 2022

 “कुबूल है” कुबूल है मुझे तेरी मन मर्ज़ियां कुबूल है चाहत की बौछार कर दूँ तेरी अदाओं पर निसार होते,

PreviousNext

Leave a Comment