Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Shant tatasth tapasvi sa himraj by Anita Sharma

 शान्त तटस्थ तपस्वी सा हिमराज। शान्त तटस्थ तपस्वी सा हिमराज। श्वेत रजत अविराम विस्तारित। सुषमा सुशोभित शाश्वत स्निग्ध शान्त। ओजस्वी …


 शान्त तटस्थ तपस्वी सा हिमराज।

Shant tatasth tapasvi sa himraj by Anita Sharma

शान्त तटस्थ तपस्वी सा हिमराज।

श्वेत रजत अविराम विस्तारित।

सुषमा सुशोभित शाश्वत स्निग्ध शान्त।

ओजस्वी साधक सा हिमराज।

प्रकृति छवि मनमोहक मधुर।

मौन तपस्वी साधना में लीन।

मानों चिर ध्यान मुद्रा में मग्न।

रजत पट और विश्रान्ति योग।

आलौकिक शक्तियों का समन्वित रूप।

अमूल्य धरोहर वनस्पति जगत।

औषधीय गुणों का विविध भण्डार।

गंगोत्री की उदगम्य स्थलीय।

शान्त चित्त सौम्य मनमोह दृश्य।

आह मधुर मनमोहक रूप!

विविध रंगों और उमंगो का एकाकार।

विभिन्न पक्षियों का प्रवास स्थलीय ।

अति उत्तम सृजन समां ईश्वर का।

स्वर्ग सा आनंद और शान्त स्थलाकृति।

—–अनिता शर्मा झाँसी

——मौलिक रचना


Related Posts

कविता:क्यों करे अपेक्षा?| kyon kare apeksha

March 15, 2023

क्यों करे अपेक्षा? एक धनी धन देगा, आत्मविश्वासी प्रण लेगा, जिसके पास जो भरपूर हैउनके पास वो उस शण मिलेगा।

थम जाता संसार अगर ना होती बेटियां

March 13, 2023

भावनानी के भाव थम जाता संसार अगर ना होती बेटियां घर की जान होती है बेटियांपिता की आन बान शान

कविता: शब्द | kavita: shabd

March 13, 2023

कविता: शब्द मन के अनगिनत विचारों को,सबके सन्मुख दे खोल।कहलाते है शब्द वही,या कहते इन्हें हम बोल।शब्द होते दर्पण व्यक्तित्व

Kavita: eknishthta |कविता :एकनिष्ठता

March 12, 2023

कविता: एकनिष्ठता नदी का एक पड़ाव होता हैवो बहती है समंदर की तलाश मेंबादल भी चलते हैं, बहते हैं मौसम

स्वाभिमान है तेरा असली गहना।

March 9, 2023

स्वाभिमान है तेरा असली गहना। लिखना सिखा,पढ़ना सिखा,सबसे आगे बढ़ना सीखा,स्वाभिमान बचाना क्यों नहीं सीखा?स्वाभिमान बचाना क्यों नहीं सीखा? सहना

भांग के साइड इफेक्ट्स

March 9, 2023

भांग के साइड इफेक्ट्स आंखें बंद करता हूं तो अंधेरा डराता है,आंखें खुली रखता हूं तो उजाला सताता है,मुझे नींद

PreviousNext

Leave a Comment