Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Shan-a-hind by jayshree birmi

 शान ए हिंद शान हैं मेरी तू ही ओ तिरंगे जान हैं मेरी तूही ओ तिरंगे चाहे दिल मेरा तू …


 शान ए हिंद

Shan-a-hind by jayshree birmi

शान हैं मेरी तू ही ओ तिरंगे

जान हैं मेरी तूही ओ तिरंगे

चाहे दिल मेरा तू ही मुझे दे रंग

शांति भरे है तेरे सब ही रंग

तेरी ही छांव में रहे ये देश मेरा

तू ही गौरव और तू ही हैं मान मेरा

जब तू लहराए आसमां में

लगे इंद्रधनुष सा तू आसमां में

हर बसर की  हैं ये ख्वाहिश 

बना ही रहे आसमां में

तेरी शान में चाहे देनी पड़े जां भी

तूही हैं सभी ही जन मन मैं

झुके हैं सभी के सर तेरे नमन मैं

मेरी जान और शान तू बना रहे बुलंदियों में

जयश्री बर्मी 

सेवा निवृत्त शिक्षिका

अहमदाबाद


Related Posts

सलोनी के कुसुम”- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

सलोनी के कुसुम” इंसान बेइन्तहा मजबूर दिखा,कुसुम सी बालिकाएं तीर्थ पर,बेंच रही पूजा का सामान छोली में।चेहरे पर मुस्कान बिखेरी

हवाओं से बात- डॉ. माध्वी बोरसे!

January 25, 2022

हवाओं से बात! सनन सनन सी हवा मैं सांस लेते हुए खुलकर, जीते हैं अपने सारे दुख गम को भूल

संगीत-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 25, 2022

संगीत! एक मधुर सी ध्वनि जब कानों में गुनगुनाती,मन को प्रसन्नता से भर जाती,योग की तरह होता है संगीत,हर एक

आभासी दुनियाँ- सरस्वती मल्लिक

January 25, 2022

आभासी दुनियाँ अद्भुत है बहुत ,यह आभासी दुनियाँप्यारी है बहुत ,जैसे सपनों की दुनियाँमित्र मिले यहाँ बहुत ,बनी नए रिश्तों

तू डोर मैं पतंग- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

तू डोर मैं पतंग ईश्वर के हाथों में जीवन डोर-हम पतंग जैसे उड़ रहे।खींचता और ढील देता विधाताहम नाचते अंहकार

देश के वीर सपूतों में वीरांगना- डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

देश के वीर सपूतों में वीरांगना वीरता की श्रृंखला में जुड़करप्रहरी बन आ रही है बहनाभाई हिम्मत नहीं है हारनाचल

Leave a Comment