Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

shabdo ki chot kavita by samay singh jaul delhi

शब्दों की चोट शब्दों की चोट जब पड़ती है।   चित्त में चेतना की चिंगारी निकलती है।।   जैसे बसंत में भी …


शब्दों की चोट

shabdo ki chot by samay singh jaul delhi

शब्दों की चोट जब पड़ती है। 

 चित्त में चेतना की चिंगारी निकलती है।। 
 जैसे बसंत में भी पलास के फूलों में, 
 धू- धू आग धधकती है।।
 शब्द रूपी हथौड़े, 
 जब मति पर मारे जाते। 
 अपने सांचे में ढाल कर, 
 सोचने को मजबूर कर जाते।। 
शब्द खड़ा करते,
उस खाई के विरुद्ध । 
जो तेरे शिक्षा के मार्ग , 
में बनते अवरुद्ध।। 
 शब्द जब सुलगते हैं । 
आग में तब्दील होते हैं ।। 
शब्दों से चिराग होना । 
चिंगारी व आग होना ।। 
शब्दों की चोट ,
कभी जुदा करती है । 
राख में भी एक,
चिंगारी पैदा करती है।। 
 यह चिंगारी जब दिल में लगेगी। 
 अंगार भड़क कर शोला बनेगी।। 
 यह चिंगारी कभी नहीं बुझती। 
 जब शब्दों की चोट पड़ती है। 
चित्त में चेतना की चिंगारी निकलती है।। 
 स्वरचित मौलिक रचना 
समय सिंह जौल
अध्यापक दिल्ली
8800784868

Related Posts

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान।

August 30, 2022

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान। यह कैसा शब्द है कन्यादान, कौन करता है अपनी जिंदगी को दान,माता- पिता की जान से बढ़कर,कैसे

हां मैं हूं नारीवादी!

August 28, 2022

हां मैं हूं नारीवादी! नारीवाद के प्रमुख प्रकार, स्‍त्रियों को पुरुषों के समान अधिकार,ऐसा विश्‍वास या सिद्घांत,भेदभाव का हो देहांत,और

खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता

August 28, 2022

कविता: खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता  कभी

कब प्रशस्त होगी हर नारी

August 25, 2022

“कब प्रशस्त होगी हर नारी” अब एक इन्कलाब नारियों की जिजीविषा के नाम भी हो, तो कुछ रुकी हुई ज़िंदगियाँ

वजह-बेवजह रूठना

August 25, 2022

वजह-बेवजह रूठना। वजह-बेवजह क्यों बार-बार रूठना,छोटी-छोटी बातों पर बंधनों का टूटना,क्यों ना जीवन में समझदारी दिखाएं,शिष्टाचार, प्रेम और स्वाभिमान के

कविता -शहर

August 22, 2022

शहर गांवों के सपने  संभाल लेता है शहर  हो जाओ दूर कितना भी पास बुला लेता है शहर । गांवों

PreviousNext

1 thought on “shabdo ki chot kavita by samay singh jaul delhi”

Leave a Comment