शब्दों की चोट
उस खाई के विरुद्ध ।
कभी जुदा करती है ।
चिंगारी पैदा करती है।।
8800784868
शब्दों की चोट शब्दों की चोट जब पड़ती है। चित्त में चेतना की चिंगारी निकलती है।। जैसे बसंत में भी …
August 7, 2021
गीत गीत गाए जा.. गुनगुनाए जा… हो सके तो…हो सके तो… मजलूम का दिल बहलाए जा …! गीत गाए जा
August 7, 2021
* मेरी कलम * मेरी कलम दिखादे तू अपना कमाल । रोटी मुझे मिले सदा हक़ – ओ – हलाल
August 7, 2021
बदमाशी आई बदमाश बौछरे,भिगोती हुए चौबारे, दौड़ के करो बंद खिड़की, उड़ती चुन्नी खिड़की के पल्ले में अटकी। दौड़ के
August 7, 2021
सच्चा साथी कामयाबी के समय तो दुनिया साथ आती है, लेकिन संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाए उसका
August 6, 2021
मूसलाधार बारिश एक जमाना याद आया,मूसलाधार बारिश देखी।यादों के झुरमुट में बसी,वही पुरानी यादें लौटी। लगातार बिन रूके तब,गिरता था
August 6, 2021
“संदेश प्रकृति का” संदेश बादल दे रहे समस्त जग को, कल्याण मार्ग हो जीवन आधार। संमार्ग हो ध्येय बादल हमें
Nice poem