शब्दों की चोट
उस खाई के विरुद्ध ।
कभी जुदा करती है ।
चिंगारी पैदा करती है।।
8800784868
शब्दों की चोट शब्दों की चोट जब पड़ती है। चित्त में चेतना की चिंगारी निकलती है।। जैसे बसंत में भी …
September 13, 2021
आओ मिलकर सब दें हिन्दी भाषा को बढ़ावा जिस तरह प्रेम करते हैं हम अपनी मां और मातृभूमि से, मातृभाषा
September 13, 2021
युगपुरूष भारतेन्दु हरिश्चन्द्र कलम में जिनकी ताकत थी जोश जगाने वाली दिल ही नहीं दिमागों में भी आग
September 13, 2021
हिंदी दिवस विशेष कविता हिंदी हमारी शान है, हर भारतीय की पहचान है। पर आज हम भारतियों ने, दे बढ़ावा
September 12, 2021
मेरी प्यारी भाषा हिन्दी हिन्दी है इक प्यारी भाषा ,
September 12, 2021
हिन्दी दिवस पर विशेष हिंदी मेरी भाषा प्यारी – प्यारी सबसे न्यारी मेरी भाषा । हिंदी
September 12, 2021
मैं एक अध्यापक हूं… एक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार समाज में स्थान दिलाना चाहता हूं, मैं एक अध्यापक
Nice poem