शब्दों की चोट
उस खाई के विरुद्ध ।
कभी जुदा करती है ।
चिंगारी पैदा करती है।।
8800784868
शब्दों की चोट शब्दों की चोट जब पड़ती है। चित्त में चेतना की चिंगारी निकलती है।। जैसे बसंत में भी …
July 6, 2023
भावनानी के भाव साहित्य राष्ट्र की महानता साहित्य राष्ट्र की महानता और वैभव का दर्पण होता है साहित्य को आकार
July 6, 2023
भावनानी के भाव भारतीय नारी सब पर भारी पुरुषों से कम नहीं है आज की भारतीय नारी व्यवसाय हो या
July 2, 2023
भावनानी के भाव नारी पर कविता नारी ऐसी होती है जो सभी रिश्तो को एक धागे में पिरोती हैमां बहन
July 2, 2023
मुझे कहॉं लेखन विद्या आती मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आतीमैं तो बस खुद के लिए लिख जातीखुद को मिले
July 2, 2023
भावनानी के भाव मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं अटके काम
July 2, 2023
भावनानी के भाव भारतीय संस्कार पर कविता भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत
Nice poem