Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

seema ka samar -purvottar by satya prakash singh

सीमा का समर -पूर्वोत्तर पूर्वोत्तर की सात बहने कहे जाने वाले दो राज्यों में आज सीमा का विवाद इतना गहरा …


सीमा का समर -पूर्वोत्तर

seema ka samar -purvottar by satya prakash singh

पूर्वोत्तर की सात बहने कहे जाने वाले दो राज्यों में आज सीमा का विवाद इतना गहरा गया कि वह खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। अब तो यह ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे सदियों की शहादत दी गई हो।पाँच जवानों की शहादत के बाद जुबानी जंग का तेज होना इस बात का द्योतक है कि यह राजनीति से प्रेरित संकटग्रस्त मुद्दा है । 164 किलोमीटर की लंबी सीमा का साझा संकलन, पूर्वोत्तर राज्यों के संघर्ष में शब्दों के सरगम ने एक अहम भूमिका निभाई । दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के व्यंग के तीखे बाण, दर्द से कराहते हुए किसान, का कोई मूल्य नहीं है। पुलिस के जवान अजेय युग को जीतने का दिवास्वप्न लिए बैठे हो।दोनों राज्य मानवता के मरुस्थल को प्रेम के रिश्ते के अटूट बंधन में नहीं बांध पाए। केंद्र सरकार की मध्यस्थता की इस खूनी संघर्ष विराम नहीं दे सकी। वस्तुतः दोनों राज्यों की सीमा की समस्या का समाधान संविधान की धाराओं के अंतर्गत ही निहित है। वर्तमान समय में दोनों राज्यों के सीमाओं के आर- पार जाने की इजाजत किसी को नहीं है। पूर्वोत्तर के राज्यों में तो आपसी सीमा विवाद सदियों से चला आ रहा है जो सिर्फ बातचीत के माध्यम से ही सुलझाया जा सकता है ,इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं हो सकता। सीमा विवाद की पांडुलिपियां आज इतनी अधिक हो गई है की दोनों राज्य स्वयं से संघर्ष करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। सीमा एक समस्या भी है लेकिन उसका समाधान भी है जिसका नाम है समझौता। कई बार देखा गया है कि सीमा विवाद में समझोता एकपक्षीय होता है लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार का यह नैतिक दायित्व बनता है कि मामले में हस्तक्षेप कर समझौता द्विपक्षिय राष्ट्रहित में करें।

मौलिक लेख
सत्य प्रकाश सिंह
केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज प्रयागराज उत्तर प्रदेश


Related Posts

Zindagi me beti ka hona jeevan ki khushiyan

December 17, 2022

आओ बेटी के जन्मदिन को कन्या का उत्सव के रूप में मनाएं जिंदगी में बेटी का होना जीवन की सबसे

stop the advertisement coming in mobile

December 17, 2022

मोबाइल मे आने वाले एडवर्टाइज को बंद करे सरकार- युवा समाजसेवी निखिल मिश्रा शाहपुर मध्यप्रदेश के रीवा जिले के युवा

Why are we not seeing the best in life?

December 17, 2022

आखिर क्यों हम जीवन के सर्वोत्तम को देख ही नहीं रहे? हमारे जीवन का अन्य नि:शुल्क रत्न हमारे चारों ओर

मन ही सब कुछ है। आपको क्या लगता है आप क्या बनेंगे?

December 16, 2022

 मन ही सब कुछ है। आपको क्या लगता है आप क्या बनेंगे? बुद्ध ने कहा कि – ‘सभी समस्याओं का

नाथु ला दर्रा से तवांग तक वाइब्रेंट बॉर्डर योज़ना से बौखलाया विस्तारवादी देश

December 15, 2022

नाथु ला दर्रा से तवांग तक वाइब्रेंट बॉर्डर योज़ना से बौखलाया विस्तारवादी देश भारत सरकार बॉर्डर एरियाओं में लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर

महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी में बाधाएं

December 15, 2022

Working indian women  महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी में बाधाएं मौजूदा पितृसत्तात्मक मानदंड सार्वजनिक या बाजार सेवाओं को लेने में

PreviousNext

Leave a Comment