Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Sawan aur shiv kavita by Dr Indu kumari

 सावन और शिव पहला सावन और सोमवार बरसती है शिव का प्यार रिमझिम- रिमझिम हो फुहार भक्ति की बहती बयार …


 सावन और शिव

Sawan aur shiv kavita by Dr Indu kumari

पहला सावन और सोमवार

बरसती है शिव का प्यार

रिमझिम- रिमझिम हो फुहार

भक्ति की बहती बयार

       बोल बम की नारों से

      होती धरा गुंजायमान

     स्फूर्ति आ जाती मन में

     जोश भर जाता तन में

सज जाती है दुकानें

भक्तों की लगती कतारें

शिव धुन की बजती नागारें

भक्तिमय हो जाती नज़ारें

       सावन की छटा निराली

हर तरफ है हरियाली

       हरिहर चुनर पहन गौरी

है अकड़ू शिव रिझाली

डॉ. इन्दु कुमारी

               हिन्दी विभाग

मधेपुरा बिहार


Related Posts

माँ

June 24, 2022

 माँ अनिता शर्मा एक शब्द में संसार समाहित, जग जननी है माँ। कितनी भोली, कितनी प्यारी, मुझे प्यारी है माँ

तन्हा सी!!!!

June 24, 2022

 तन्हा सी!!!! अनिता शर्मा भीड़ में तन्हा-तन्हा सी, कुछ सकुचाई कुछ शरमाई। कह न सकी दिल की बातें, मन ही

वर्षा ऋतु !

June 24, 2022

वर्षा ऋतु ! डॉ. माध्वी बोरसे! ढेर सारी खुशियों की बौछार,सभी करते हैं इस ऋतु का इंतजार ,पशु पक्षियों और

खुशनुमा वातावरण बनाएं!

June 24, 2022

 खुशनुमा वातावरण बनाएं! डॉ. माध्वी बोरसे! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार, जिंदगी तो है कुछ पलों की,

जरूर लड़े!

June 24, 2022

जरूर लड़े! डॉ. माध्वी बोरसे! लड़ना है तो अपने क्रोध से लड़े,अपने अंदर के अहंकार से लड़े,स्वयं को मजबूत और

पारदर्शी जीवन!

June 24, 2022

पारदर्शी जीवन! डॉ. माध्वी बोरसे! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

PreviousNext

Leave a Comment