Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Sawan aur shiv kavita by Dr Indu kumari

 सावन और शिव पहला सावन और सोमवार बरसती है शिव का प्यार रिमझिम- रिमझिम हो फुहार भक्ति की बहती बयार …


 सावन और शिव

Sawan aur shiv kavita by Dr Indu kumari

पहला सावन और सोमवार

बरसती है शिव का प्यार

रिमझिम- रिमझिम हो फुहार

भक्ति की बहती बयार

       बोल बम की नारों से

      होती धरा गुंजायमान

     स्फूर्ति आ जाती मन में

     जोश भर जाता तन में

सज जाती है दुकानें

भक्तों की लगती कतारें

शिव धुन की बजती नागारें

भक्तिमय हो जाती नज़ारें

       सावन की छटा निराली

हर तरफ है हरियाली

       हरिहर चुनर पहन गौरी

है अकड़ू शिव रिझाली

डॉ. इन्दु कुमारी

               हिन्दी विभाग

मधेपुरा बिहार


Related Posts

Aye dil aao tumhe marham lga du

July 16, 2020

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत रचना Aye dil aao tumhe marham lga du. तो पढिए और आनंद

Previous

Leave a Comment