Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Satringi sapne kavita by indu kumari

 शीर्षक- सतरंगी सपने   सतरंगी सपने सजाओ मेरे लाल दिखा दुनिया को करके कमाल अनवरत रूप से करो प्रयास मंजिल …


 शीर्षक- सतरंगी सपने

 

Satringi sapne kavita by indu kumari

सतरंगी सपने सजाओ मेरे लाल

दिखा दुनिया को करके कमाल

अनवरत रूप से करो प्रयास

मंजिल मिलेगी रखो विश्वास

गगन चूमेगी सफलता तेरी

जयकारा होगी दुनिया में

धीरज धारण करना होगा

विघ्न- बाधाओ को टपना होगा

उतार चढ़ाव की है जिन्दगी

मुसीबतों से टकराना होगा

आँधी आए या तूफान

जोश जुनून का बना हथियार

देश का कर्ता- धर्ता है  तु

पहचान बन खुद करो धमाल

लक्ष्य बनाओ दृढता पूर्वक

डिगा न सके प्रण को कोई

अविचल होकर खड़े रहो तुम

पग चूमेगी मंजिल  तेरी

बस करके दिखलाओ लाल

दिखा दे दुनिया को कमाल

      स्व रचित

डॉ इन्दु कुमारी

              हिन्दी विभाग

मधेपुरा बिहार.


Related Posts

बंद कमरों की घुटन-सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 बंद कमरों की घुटन आधुनिकता की अंधी दौड़ में हमने खुद ही खुद को कैद कर लिया है कंक्रीट के

कविता डिजिटल भारत मेक इन इंडिया

May 9, 2022

कविता डिजिटल भारत मेक इन इंडिया रचनात्मक नवाचार से जुड़ा विज्ञान आम आदमी के लिए जीवन में सहजता लाता है

शोहरतों का परचम- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 शोहरतों का परचम शोहरतों के परचम  लहराने का गर इरादा है तो कुछ ऐसा कीजिए जो अलग हो औरों से

ज़िंदगी- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 ज़िंदगी वाह री जिंदगी तू भी कितनी अजीब जाने क्या क्या गुल खिलाती है कभी हंसाती, कभी रुलाती है और

कविता – ख्वाब – सिद्धार्थ गोरखपुरी

May 9, 2022

 कविता – ख्वाब  ये ख्वाब न होते तो क्या होता? झोपड़ी में रहने वाले लोग जब थोड़े व्यथित हो जाते

जलियांवाला बाग-

May 9, 2022

 जलियांवाला बाग बैशाखी का पावन दिन तारीख तेरह अप्रैल उन्नीस सौ उन्नीस एक सभा हो रही थी रौलेट एक्ट का

PreviousNext

Leave a Comment