Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Sangharsh akela hota hai by Jitendra Kabeer

 संघर्ष अकेला होता है उस वक्त साथ नहीं थे बहुत से लोग शायद जानते भी न हों उनका नाम, खेलों …


 संघर्ष अकेला होता है

Sangharsh akela hota hai by Jitendra Kabeer

उस वक्त साथ नहीं थे

बहुत से लोग

शायद जानते भी न हों

उनका नाम,

खेलों में

इस देश का नाम रौशन 

करने वालों का

गुमनामी में संघर्ष

जिस वक्त चढ़ा था परवान।

उस वक्त साथ थी केवल 

उनकी इच्छाशक्ति, मेहनत 

योग्यता, मुठ्ठी भर लोगों का

साथ और कुछ कर दिखाने का

अरमान,

जिसके बूते कर दिखाया उन्होंने

देश-दुनिया में बड़ा अपना नाम।

संघर्ष होता है 

हमेशा अकेला ही इंसान का,

दुनिया में ज्यादातर लोग 

आते हैं साथ पीने सफलता का जाम,

विश्वास न हो इस बात का

तो देखना कभी अपने आस-पास ही

असफल हो चुके लोगों का अंजाम।

                             जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

ख्वाहिशें- आकांक्षा त्रिपाठी

December 18, 2021

ख्वाहिशें मन को हसीन करने वाली ये ख्वाहिशें, जिंदगी के समंदर में गोता लगाती येमशरूफ ख्वाहिशें। चाहत,इच्छा,मन के भाव के

सपने- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

सपने सपने देखिये सपने देखना अच्छी बात है,पर सपनों को पंख भी दीजिएउड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए। सपनों को

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत नमन करता देश तुमको गर्व तुम पर देश को है,नम हैं आँखें भले हमारीविश्वास है कि

दरख्त और कुल्हाड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

दरख्त और कुल्हाड़ी अरे बेशर्म मानवों! कितने बेहया हो तुममगर तुम्हें क्या फर्क पड़ता हैतुम आखिर सुनते ही किसकी हो।

विजय दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

विजय दिवस शुरू हुआ जो युद्ध तीन दिसंबर उन्नीस सौ इकहत्तर कोभारत पाकिस्तान के बीच मेंछुडा़ रहे थे सैनिक भारत

काम की कीमत है इंसान की नहीं-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 17, 2021

काम की कीमत है इंसान की नहीं बेकारी, बेरोजगारी के दिनों मेंना कमाने का तानाजब तब मार देने वाले घरवाले,इंसान

Leave a Comment