Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Sandesh prakriti ka kavita by Anita Sharma

 “संदेश प्रकृति का”  संदेश बादल दे रहे समस्त जग को, कल्याण मार्ग हो जीवन आधार। संमार्ग हो ध्येय बादल हमें …


 “संदेश प्रकृति का”

Sandesh prakriti ka  kavita by Anita Sharma

 संदेश बादल दे रहे समस्त जग को,

कल्याण मार्ग हो जीवन आधार।

संमार्ग हो ध्येय बादल हमें बतलाते,

जीना है तो औरों के लिए जियो हमें सिखलाते।

धरती से जल संचित करता सूरज,

वर्षा में लौटाता बादल।

जीवन में लेना ही नहीं,देना भी ध्येय हो,

प्रकृति हमें सिखाती जीवन का संदेश।

प्रकृति के कण-कण में छुपा हुआ,

संदेश कर्म परोपकारी हो।

जन जन तक विकसित हो कल्याण मार्ग,

देता यही प्रकृति का कण-कण संदेश।

झूम झूम बरसते बादल,वृक्षो को नव जीवन देते,

नव-संचार धरा पर करते,जलप्लावित नदियों को करते।

—— अनिता शर्मा झाँसी 

—-मौलिक रचना


Related Posts

नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है

March 4, 2023

भावनानी के भाव नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है सामने

धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं

March 4, 2023

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं आज के बढ़ते ट्रेंड की ओर बढ़ रहा

हे परमपिता परमेश्वर

March 4, 2023

भावनानी के भाव हे परमपिता परमेश्वर आपके द्वारा दिए इस जीवन में इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है हर

हे परवरदिगार मेरे मालिक

March 4, 2023

 भावनानी के भाव हे परवरदिगार मेरे मालिक मैंने कहा गुनहगार हूं मैं  उसने कहा बक्ष दूंगा  मैंने कहा परेशान हूं

कविता: भारतीय संस्कृति में नारी | bharatiya sanskriti me naari

February 16, 2023

 भावनानी के भाव कविता:भारतीय संस्कृति में नारी  भारतीय संस्कृति में नारी  लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती है समय आने

वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है

February 16, 2023

 भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे

PreviousNext

Leave a Comment